
नई दिल्ली। जेडीयू के युवा नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जेडीयू प्रवक्ता ने इस बात की जानकारी ट्वीट कर दी है। उन्होंने टि्वटर पर पूरी साफगोई के साथ लिखा है कि शायद उनकी विचारधारा पार्टी की विचारधारा से मेल नहीं खाती है, जिसकी वजह से उन्होंने पार्टी प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
शाह पर सवाल उठाना पड़ा महंगा
बताया जा रहा है कि बुधवार को अजय आलोक ने पश्चिम बंगाल में सीमा पर बीएसएफ की मदद से बांग्लादेशी घुसपैठियों की धड़ल्ले से प्रवेश को लेकर सवाल खड़े उठाए थे। जेडीयू प्रवक्ता ने आरोप लगाया था कि सीमा पर बीएसएफ के अधिकारी 5,000 रुपए लेकर बांग्लादेशी घुसपैठियों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करवाते हैं। बजाया जा रहा है कि उनकी कही ये बात भाजपा अध्यक्ष को बुरा लगा।
उन्होंने बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ के अधिकारियों के संपत्ति की जांच कराने की मांग केंद्र सरकार से की थी। जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केवल कोसने से काम नहीं चलेगा।
नीतीश के लिए शर्मिंदगी का कारण नहीं बनेंगे
उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताते हुए कहा है कि वो उनके लिए शर्मिंदगी का कारण नहीं बनना चाहते थे। इसलिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है। बता दें कि अजय आलोक का इस्तीफा देश के गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर हमला करने के बाद आया है। बताया जा रहा है कि अमित शाह पर निशाना साधने के चलते ही उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा है।
पार्टी छोड़ने की भी चर्चा
जानकारी के मुताबिक अजय आलोक के इस रुख के बाद से भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू के बीच खटास पैदा हो गई थी। इस घटनाक्रम को लेकर गुरुवार देर रात अजय आलोक ने प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वो भविष्य में जेडीयू में बने रहेंगे या नहीं। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में वो पार्टी भी छोड़ सकते हैं।