राजनीति

कर्नाटक विधानसभा: शक्ति परीक्षण से पहले ही येदियुरप्पा का इस्तीफा, कहा-अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा

कर्नाटक में शक्ति परीक्षण से पहले भाजपा की सरकार गिर गई

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नई दिल्ली: कर्नाटक में शक्ति परीक्षण से पहले भाजपा की सरकार गिर गई। सीएम बी एस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया । भाजपा विधानसभा में आंकड़े नहीं जुटा पाई। जिसके मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। इससे पहले विधानसभा में येदियुरप्पा ने कहा कि आज भाजपा को 113 सीटें होती तो तस्वीरें कुछ और होती। येदियुरप्पा ने कहा कि राज्य में जल्द ही चुनाव होंगे। येदियुरप्पा ने कहा कि जनादेश कांग्रेस और जेडीएस के खिलाफ है। येदियुरप्पा ने कहा कि हमने राज्य में दो सालों तक यात्रा कर हालात जानने की कोशिश की।

कर्नाटक विधानसभा में येदियुरप्पा की बड़ी बातें-

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-येदियुरप्पा ने कहा कि कांग्रेस जेडीएस का गठबंधन पूरी तरह से अपिवत्र है

- येदियुरप्पा ने कहा- दो सालों तक हमने राज्य में घूम-घूमकर लोगों की हाल चाल जानी

- येदियुरप्पा: अंतिम सांस तक किसानों के लिए लड़ता रहूंगा।

- येदियुरप्पा: पीएम मोदी ने कर्नाटक की काफी मदद की।

- येदियुरप्पा: ऐसा शायद पहली बार हुआ जब किसी पीएम ने सीएम उम्मीदवार की घोषणा की।

-येदियुरप्पा: 113 सीटें होती तो राज्य की तस्वीर अलग होती

बीजेपी के 104 विधायक विधानसभा में मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस और जेडीएस के सभी विधायक सदन में मौजूद रहे। इधर विधानसभा के दर्शक दीर्धा में कांग्रेस और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

किसी पार्टी को नहीं था पूर्ण बहुमत

गौरतलब है कि 15 मई को कर्नाटक चुनाव परिणाम में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। बीजेपी 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। वहीं कांग्रेस के पास 78 सीटें हासिल हुई थी । जबकि जेडीएस के पास 38 विधायक थे। कांग्रेस ने जेडीएस के साथ सरकार बनाने का ऐलान कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस और जेडीएस के पास 116 विधायकों का समर्थन था। लेकिन राज्यपाल ने बीजेपी को 16 मई को सरकार बनाने का न्योता दे दिया। और बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों तक समय दे दिया । इसके खिलाफ कांग्रेस आधी रात को ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। वहीं येदियुरप्पा 17 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

वहीं कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले को पलटते हुए 24 घंटे के भीतर यानी 19 मई को बीजेपी को बहुमत साबित करने का आदेश दिया। लेकिन बीजेपी बहुमत साबित करने में असफल रही। येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बीजेपी ने हमारे विधायकों को खरीदने की कोशिश की थी। आजाद ने कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार लेकर सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद भी दिया।

कांग्रेस को झटका

सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा के.जी.बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने के फैसले के खिलाफ दायर कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की याचिका को शनिवार को खारिज करते हुए कहा कि वह अंतरिम स्पीकर बने रहेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि विधानसभा में शनिवार शाम चार बजे विश्वास मत साबित करने की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रीय चैनलों को इस टेलीकास्ट की लाइव फीड उपलब्ध कराई जाएगी।

बी.एस.येदियुरप्पा ने शपथ ली

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने शनिवार को 15वीं कर्नाटक विधानसभा का सत्र बुलाया। सदन में नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर के.जी.बोपैया ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया।
मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा ने सबसे पहले शपथ ली। इसके बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के विधायक दल के नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने शपथ ली।इन तीनों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों ने शपथ ली।

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Updated on:
19 May 2018 04:01 pm
Published on:
19 May 2018 05:39 pm
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