
तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने राज्य में आई बाढ़ को लेकर विजयन सरकार को निशाने पर लिया था। अब बांध सुरक्षा प्राधिकरण के चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस सीएन रामचंद्रन नायर ने उनके आरोपों को खारिज किया है। दरअसल चेन्निथला ने आरोप लगाया था कि सरकार के विभिन्न विभागों की प्रशासनिक लापरवाही के चलते राज्य में बाढ़ के हालात बने हैं। इसके जवाब में नायर ने कहा, 'चीजों को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जा रहा है और मुझे नहीं लगता कि जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे सच हैं।'
ऊर्जा मंत्री ने कहा सभी आरोपों की जांच होगी
केएसईबी के चेयरमैन एनएस पिल्लई ने भी नायर की बात पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि बांधों के गेटों को एक साथ खोल दिया गया था, लेकिन उन्होंने कहा कि बोर्ड ने समुचित योजना और समन्वय के आधार पर काम किया। पिल्लई ने कहा, 'हम कैसे और क्या काम करते हैं, मैं इसकी सारी जानकारी मुहैया करा सकता हूं। सभी कुछ एक समुचित योजना के अनुसार हुआ।' ऊर्जा मंत्री मणि ने कहा कि सभी आरोपों की जांच की जाएगी।
यह आरोप लगाने का समय नहीं: राजस्व मंत्री
राजस्व मंत्री ई चंद्रशेखरन ने कहा कि यह एक दूसरे पर आरोप लगाने का समय नहीं है और इसके स्थान पर हमें सबसे बड़े राहत अभियान की ओर हमारा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। केरल में 1924 के बाद आई अब तक की सबसे प्रलयकारी बाढ़ की वजह से 3000 राहत शिविरों में लाखों लोग रह रहे हैं। 29 मई से शुरू हुई मानसून की बारिश के बाद यहां मृतकों की संख्या करीब 370 तक पहुंच चुकी है।