-संसदीय निगरानी और शासन में सुधार के लिए-संसदों के अध्यक्षों का विश्व सम्मेलन
नई दिल्ली। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Lok Sabha Speaker Om Birla ) ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति ( Information technology revolution ) के इस दौर में संसदीय निगरानी और शासन ( Parliamentary Monitoring and Governance ) में सुधार के लिए सभी संसदों को अपने कामकाज में जनता की भागीदारी बढ़ाने की ज़रूरत है।
बिरला ने यह बातें गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से संसदों के अध्यक्षों के पांचवें विश्व सम्मेलन में कही। बिरला ने संसदों और लोगों के बीच दूरी को कम कर शासन में सुधार करना’ विषय पर हुई पैनल चर्चा में भाग लिया।
-अध्यक्ष ने बताए पांच आई अहम
बिरला ने कहा कि संसद के जनता से जुड़ने के लिए पांच ‘आई’ अहम है।
1-‘इंटरेक्ट’-हमारे सांसद हमेशा जनता से जुड़े रहते है और उनसे प्राप्त सूचना एवं सुझावों को सदन में परिलक्षित करते हैं।
2-इन्फॉर्म’-जनता को सूचना प्रसार माध्यमों और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की योजनाओं और नीतियों के बारे में अवगत कराया जाता है।
3- ‘इंवोल्व’- जन-जन को विकास प्रक्रिया में शामिल किया जाता है
4-‘इम्बाइब’-जनता से शासन प्रक्रिया पर मिले सुझावों को आत्मसात किया जाता है।
5-‘इम्प्रूव’-शासन प्रक्रिया एवं योजनायों में अपेक्षित सुधार किया जाता है।