धर्मगुरुओं और धार्मिक नेताओं को इस बैठक से दूर रखा गया है। इसे भाजपा के 'संपर्क फॉर समर्थन' की तरह देखा जा रहा है।
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर देश में सियासी सरगर्मियां तेजी से जोर पकड़ रही है। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुस्लिम समुदाय से जुड़े बुद्धिजीवियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा, अल्पसंख्यकों से जुड़े सुरक्षा के मसले समेत अन्य मामलों पर चर्चा हो सकती है। इस मुलाकात को सीधे तौर पर अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
...इनसे हो सकती है राहुल की मुलाकात
इस बैठक में करीब दर्जनभर लोगों के शिरकत करने की संभावना है, जिनमें प्रोफेसर जोया हसन, योजना आयोग की पूर्व सदस्य सईदा हमीद, सच्चर कमिटी के पूर्व सदस्य महमूद जफर भी शामिल हैं। इनके अलावा कुछ दिग्गज मुस्लिम स्कॉलर्स के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि धर्मगुरुओं और धार्मिक नेताओं को इस बैठक से दूर रखा गया है। इसे भाजपा के 'संपर्क फॉर समर्थन' की तरह देखा जा रहा है।
हिंदू-मुस्लिम सब पर नजर
पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के विश्लेषण के दौरान नाकामी को मुस्लिम तुष्टिकरण से जोड़कर देखा जा रहा था। ऐसे में इन चार सालों में खासतौर पर राहुल गांधी ने हिंदुओं को भी संदेश देने की कोशिश की। इसके लिए वे हर राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान वहां के प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने भी गए। लेकिन कांग्रेस को लगता है कि देश में मुस्लिम समाज को सन्देश देने की भी जरूरत है क्योंकि पिछले कुछ सालों में मुस्लिमों ने बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस की बजाय दूसरे विकल्पों के रुख किया है। गौरतलब है कि इससे पहले राहुल दलित वर्ग के लोगों से भी मुलाकात कर चुके हैं।