Maharashtra Assembly फिर गहराया सियासी संकट अब कांग्रेस ने चला बड़ा दांव शिवसेनाः बीजेपी चाहती है प्रदेश में राष्ट्रपति शासन
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में गहराया सियासी संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मौजूद सरकार के कार्यकाल को खत्म होने में अब महज चंद घंटे बचे हैं, ऐसे में राजनीतिक दलों का एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर बदस्तूर जारी है।
प्रदेश में चल रही सियासी गठबंधन के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल कांग्रेस ने बीजेपी पर शिवसेना के विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया है। कांग्रेस की मानें तो बीजेपी एक बार फिर महाराष्ट्र में ऑपरेशन लोटस में जुट गई है।
आपको बता दें कि गुरुवार को शिवसेना ने अपने विधायकों की बैठक मातोश्री में बुलाई थी।
इस बैठक के तुरंत बाद शिवसेना प्रमुख ने ये कहा था कि अब से सरकार बनने तक सभी विधायक होटल में ही रहेंगे।
दरअसल शिवसेना को भी डर है कि बीजेपी यहां पर ऑपरेशन लोटस के जरिये उनके विधायकों को खरीद सकती है।
यही वजह है कि महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक और तेजी से बढ़ रही है। विधानसभा का कार्यकाल शनिवार को खत्म हो रहा है, मगर अबतक तय नहीं हो सका है कि सरकार कौन बनाएगा।
शिवसेना ने भी सहयोगी दल बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। शिवसेना का आरोप है बीजेपी प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है। यही नहीं राष्ट्रपति शासन की आड़ में विधायकों को खरीद फरोख्त का काम भी कर सकती है।
उधर..इन सब आरोपों को बीजेपी ने सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटील ने कहा है कि कांग्रेस और शिवसेना के सभी आरोप बेबुनियाद हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि शिवसेना जो आरोप लगा रही है कि हम प्रदेश में सरकार नहीं बनने देना चाहते वो गलत है, क्योंकि शिवसेना खुद सरकार बनाने के लिए पहल नहीं कर रही है।
अब आगे क्या
प्रदेश में मौजूद सरकार के कार्यकाल का शुक्रवार को अंतिम दिन है। शनिवार को कार्यकाल खत्म हो जाएगा। ऐसे में बीजेपी-शिवसेना सरकार बनाने के लिए राज्यपाल को सामने दावा पेश नहीं करती है तो राज्यपाल केंद्र सरकार पत्र लिखकर यहां राष्ट्रपति शासन लगाने की बात कहेंगे। इसके बाद प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि बीजेपी को राज्यपाल सरकार बनाने का न्योता देते हैं तो हो सकता है बीजेपी शिवसेना और कांग्रेस के कुछ विधायकों को तोड़कर सरकार बना ले।
इसी तरह शिवसेना भी एनसीपी और कांग्रेस के सहयोग से सरकार बना सकती है। लेकिन ये सब तब होगा जब राजनीतिक दल एक दूसरे को सहयोग देंगे। जो अब तक बनता नहीं दिख रहा है।