महाराष्ट्र के राज्यपाल 'संतुष्ट' हैं कि सरकार को संविधान के अनुसार नहीं चलाया जा सकता सूत्रों के अनुसार मोदी कैबिनेट ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा कर दी है याचिका में शिवसेना ने महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी है
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी इस बात से 'संतुष्ट' हैं कि राज्य सरकार को संविधान के अनुसार नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने इस बाबत राष्ट्रपति को एक रपट भेजी है। सूत्रों के अनुसार मोदी कैबिनेट ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा कर दी है। वहीं, शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में शिवसेना ने महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी है। शिवसेना का कहना है कि सरकार बनाने की उनकी क्षमता को साबित करने के लिए पार्टी को समय नहीं दिया जाए। शिवसेना के वकील सुनील फर्नांडीज ने कहा कि राज्यपाल ने भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने के लिए 24 घंटे का समय दिया था, जबकि शिवसेना को केवल 24 घंटे का ही समय दिया है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी द्वारा राज्य में सरकार बनाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को आमंत्रित करने के एक दिन बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार से सरकार बनाने की योजना पर वार्ता की और पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं को उनके साथ विचार-विमर्श करने के लिए मुंबई भेजा। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने ट्वीट कर कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज सुबह शरद पवार से बात की और पवार के साथ आगे की चर्चा के लिए अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और मुझे जिम्मेदारी सौंपी है।"
उन्होंने आगे कहा कि तीनों नेता जल्द से जल्द पवार से मिलने मुंबई जा रहे हैं। सोमवार शाम सोनिया ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ दो महत्वपूर्ण बैठकें करने के बाद भी शिवसेना को सरकार बनाने के लिए महाराष्ट्र में कांग्रेस का समर्थन देने के संबंध में अपना रुख स्पषट नहीं किया है।
कांग्रेस ने शाम को एक बयान जारी कर कहा कि वह अपने गठबंधन सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ 'आगे की चर्चा' करेगी, जो राज्य में शिवसेना का समर्थन करने के लिए इच्छुक है।