राजनीति

मोदी सरकार में मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पायरेटेड लैपटॉप से की राहुल गांधी की तुलना, हमेशा फर्जी बातें करने का कसा तंज

झारखंड के रांची में मोदी सरकार में मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस अध्यक्ष की तुलना पायरेटेड लैपटॉप से की, महागठबंधन पर भी साधा निशाना
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Updated: 20 Sep 2018, 3:02 PM IST
bjp
मोदी सरकार में मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पायरेटेड लैपटॉप से की राहुल गांधी की तुलना, हमेशा फर्जी बातें करने का कसा तंज

नई दिल्ली। मिशन 2019 जैसे-जैसे करीब आ रहा है नेताओं की जुबानी जंग तेज होती जा रही है। फिर वो रफाल के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरना हो या फिर ट्रिपल तलाक का मुद्दा हर मोर्चे पर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी कड़ी में अब मोदी सरकार के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला है और उन्हें 'पायरेटेड लैपटॉप' कह डाला। पायरेटेड लैपटॉप से राहुल की तुलना करते हुए नकवी ने कहा कि वे केवल फ्रॉड और फर्जी बातें करते हैं।

बड़े अंतर के करेंगे जीत हासिल
मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले ही महागठबंधन का गुब्बारा फट जाएगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 2019 में एनडीए बड़ी जीत दर्ज करने में कामयाब होगा। झारखंड दौरे पर पहुंचे नकवी पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में किए गए कामों की बदौलत एनडीए 2019 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने में सफल रहेगा।

महागठबंधन पर साधा निशाना
नकवी ने इस दौरान न सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष को आड़े हाथों लिया बल्कि महागठबंधन पर भी जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस बात का अंदाजा है कि वे पीएम मोदी की लोकप्रियता और बीजेपी के आगे टिक नहीं पाएंगे, इसलिए हताशा में वे एकजुट होकर चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। नकवी ने कहा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली थी तब महंगाई दर 11 फीसदी थी, जो अब 4 फीसद है।

अपनी सरकार की थपथपाई पीठ
नकवी ने विरोधियों पर निशाना साधी ही साथ ही अपनी सरकार की पीठ भी थपथपाई। उन्होंने कहा, खाद्यान्न और तेल की कीमतें स्थिर हैं। देश में अनाज की कमी नहीं है और किसानों को डीजल के लिए लाइन में लगना नहीं पड़ता है। तेल की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण ये हो रहा है, हालांकि तेल की कीमतों को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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