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विदेशी पत्रकारों से छिपा रहे कश्मीर के बदतर हालात, उमर अब्दुल्ला बोले- डर क्यों रही सरकार

विदेशी पत्रकारों को जम्मू एवं कश्मीर में रिपोर्टिंग करने के लिए 1990 के दशक की शुरुआत से गृह मंत्रालय की अनुमति लेनी होती है। इसे लेकर उमर अब्दुल्ला ने नाराजगी जताई है।

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Aug 01, 2018
विदेशी पत्रकारों से छिपा रहे कश्मीर के बदतर हालात, उमर अब्दुल्ला बोले- डर क्यों रही सरकार

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर विदेशी पत्रकारों की रिपोर्टिंग पर प्रतिबंध को लेकर लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को आश्चर्य जताया है। अब्दुल्ला ने कहा क्या जम्मू-कश्मीर के हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सरकार विदेशी मीडिया को राज्य में स्वतंत्र रूप से पत्रकारिता करने की इजाजत देने से डर रही है।

ट्वीट कर सरकार से पूछे सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, वाशिंगटन पोस्ट की भारतीय ब्यूरो चीफ एनी गोवेन ने मंगलवार को ट्वीट किया कि वह अपनी दोस्त की शादी के लिए कश्मीर में हैं। लेकिन वह रिपोर्टिंग नहीं कर सकतीं, क्योंकि विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय द्वारा विदेशी पत्रकारों के दी जानी वाली आवश्यक विशेष मंजूरी उन्हें नहीं दी है। उन्होंने 22 जून को इसके लिए आवेदन किया था। जिसमें आवंछनीय देरी हो रही है।

विदेशी मीडिया से छिपाया जा रहा सच: उमर अब्दुल्ला

नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने गोवेन को मंजूरी नहीं दिए जाने को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि क्या कश्मीर में हालात इस हद तक खराब हो गए हैं कि अब हम विदेशी संवाददाताओं को कश्मीर में स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिग करने की मंजूरी देने से डर रहे हैं? भाजपा की कश्मीर नीति की एक और उपलब्धि, जिसमें पीडीपी ने पूर्ण रूप से सहयोग किया। बता दें कि विदेशी पत्रकारों को जम्मू एवं कश्मीर में रिपोर्टिंग करने के लिए 1990 के दशक की शुरुआत से गृह मंत्रालय की अनुमति लेनी होती है।

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Published on:
01 Aug 2018 06:51 pm
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