दिल्ली हिंसा को लेकर कांग्रेस ने शांति मार्च निकाला जनपथ रोड पर प्रियंका के शांति मार्च को रोका गया कपिल मिश्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना शर्मनाक : प्रियंका गांधी
नई दिल्ली। नागरिकता कानून (Citizenship Act) को लेकर दिल्ली में हुई हिंसा ( violence in Delhi) को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप जारी है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (congress interim president sonia gandhi) ने दिल्ली हिंसा के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit shah) से इस्तीफा देने की मांग की। बीजेपी नेताओं ने नफरत का माहौल बनाया। आखिर भाजपा नेताओं पर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
इधर दिल्ली हिंसा को लेकर कांग्रेस ने शांति मार्च निकाला है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की अगुवाई में गांधी स्मृति तक शांति मार्च निकाला गया है। लेकिन जनपथ रोड पर प्रियंका के शांति मार्च को रोक दिया गया है। प्रियंका गांधी अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहीं पर सड़क पर बैठ गईं।
प्रियंका गांधी ने लोगों से अपील की कि हिंसा से केवल आपका नुकसान होगा। सभी लोग अपना विवेक इस्तेमाल कर हिंसा से बचें। प्रियंका गांधी ने कहा कि हम चाहते हैं कि दिल्ली में अमन बहाल हो और हिंसा पर राजनीति खत्म हो। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।
कपिल मिश्रा पर कार्रवाई नहीं होना शर्मनाक- प्रियंका गांधी
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में हो रही हिंसा के मद्देनदर भारतीय जनता पार्टी और कपिल मिश्रा को आड़े हाथों लिया है। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है। कांग्रेस की कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद बुधवार को उन्होंने कहा कि, "कपिल मिश्रा के बयान के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई न होना शर्मनाक है।"
प्रियंका ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं से राज्य में सतर्कता बनाए रखने को कहा है, ताकि दिल्ली की परिस्थिति उत्तर प्रदेश को प्रभावित न करें।
प्रियंका ने कहा, "मैं दिल्ली के लोगों से अपील करती हूं कि हिंसा में शामिल न हों, सावधान रहें और शांति बनाए रखें। हमने उत्तर प्रदेश में अपने कार्यकर्ताओं से भी शांति बनाए रखने और हिंसा न फैलने देने के लिए हरसंभव प्रयास करने के लिए कहा है।