केंद्र सरकार की नई सैन्य भर्ती योजना 'अग्निपथ' का विरोध चौथे दिन भी जारी है। बिहार समेत देश के कई राज्यों में इस योजना के खिलाफ छात्रों के साथ राजनीतिक दल भी सड़कों पर हैं। इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला बोला है।
सरकार भले ही जल्द से जल्द अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने में जुटी है, लेकिन इसका विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिहार में बंद के दौरान कई इलाकों में जमकर बवाल मचा हुआ है। उपद्रवियों ने ट्रक और बसों को आग के हवाले कर दिया है। वहीं इस योजना को लेकर सियासी पारा भी हाई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर इस योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है। उन्होंने इस योजना की तुलना किसान विरोधी काले कानून से की है। राहुल गांधी ने कहा कि काले कानून की तरह इस योजना को भी मोदी सरकार को वापस लेना पड़ेगा।
राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं, फिर चाहे वो कोई भी मुद्दा क्यों ना हो कांग्रेस सांसद मोदी सरकार को घेरना नहीं भूलते। इसी कड़ी में अब उनके हाथ सरकार की ओर से शुरू की जा रही नई सैन्य भर्ती योजना अग्निपथ का मुद्दा लगा है। इसी को लेकर वे लगातार मोदी सरकार पर तीखे प्रहार कर रहे हैं।
शनिवार को जहां एक तरफ इस योजना के विरोध में बिहार बंद है। वहीं राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए पीएम मोदी पर सीधा निशाना साधा है।
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माफीवीर बनकर वापस लेना होगी योजना
राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिए लिखा- 8 सालों से लगातार भाजपा सरकार ने ‘जय जवान, जय किसान' के मूल्यों का अपमान किया है। मैंने पहले भी कहा था कि प्रधानमंत्री जी को काले कृषि कानून वापस लेने पड़ेंगे। ठीक उसी तरह उन्हें ‘माफ़ीवीर' बनकर देश के युवाओं की बात माननी पड़ेगी और 'अग्निपथ' को वापस लेना ही पड़ेगा।
मित्रों की आवाज के सिवा पीएम मोदी को कुछ सुनाई नहीं देता- राहुल
ये लगातार दूसरा दिन है जब अग्निपथ योजना को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला। इससे पहले 17 जून को राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा- अग्निपथ - नौजवानों ने नकारा, कृषि कानून - किसानों ने नकारा, नोटबंदी - अर्थशास्त्रियों ने नकारा, GST - व्यापारियों ने नकारा
देश की जनता क्या चाहती है, ये बात प्रधानमंत्री नहीं समझते क्यूंकि उन्हें अपने ‘मित्रों’ की आवाज के अलावा कुछ सुनाई नहीं देता।
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