Deputy CM Sachin Pilot की खुली बगावत पर सख्ती के मूड में CM Ashok Gehlot CM Ashok Gehlot के आवास पर Congress Legislature Party की बैठक में यह प्रस्ताव पारित
नई दिल्ली। राजस्थान में सियासी संकट ( Rajasthan Political Crisis) लगातार गहराता जा रहा है। डिप्टी सीएम सचिन पायलट ( Deputy CM Sachin Pilot ) की सरकार से खुली बगावत के बाद राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) ने सभी बागियों पर कार्रवाई का ऐलान कर दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर बुलाई गई कांग्रेस विधायक दल ( Congress Legislature Party ) की बैठक में यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया। दरअसल, विधायक दल की बैठक में सीएम अशोक गहलोत के समर्थन में प्रस्ताव पारित करते हुए पार्टी लाइन के खिलाफ जाने वाले नेताओं पर कार्रवाई की मांग की गई। वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ( Congress Leader Rahul Gandhi ) और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ( Priyanka Gandhi ) समेत पार्टी के बड़े नेताओं ने सचिन पायलट को मनाने में पूरी ताकत झोंक दी है।
विधायक दल की बैठक में कुल मिलाकर 106 विधायक शामिल
कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों की मानें तो विधायक दल की बैठक में कुल मिलाकर 106 विधायक शामिल हुए। बैठक में विधायक दल ने कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरी आस्था दिखाई। प्रस्ताव में कहा गया कि विधायक दल राजस्थान में आशोक गहलोत नीत कांग्रेस सरकार के प्रति समर्थन व्यक्त करती है। प्रस्ताव में प्रदेश सरकार को कमजोर करने वाले सभी अलोकतांत्रिक तत्वों की निंदा भी की गई। कहा गया कि अगर पार्टी का कोई पदाधिकारी या फिर विधायक सरकार को कमजोर करने में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक
मुख्यमंत्री आवास पर यहां सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक समाप्त होने के तत्काल बाद राजस्थान के कांग्रेस विधायकों को दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर स्थित फेयरमोंट होटल भेज दिया गया। इसके पहले पार्टी विरोधी तत्वों को दंडित करने की मांग वाला एक प्रस्ताव पारित किया गया। फेयरमोंट वही होटल है, जहां आईटी के दस्ते ने सोमवार सुबह छापा मारा था।
गहलोत सरकार अल्पमत?
मुख्यमंत्री आवास के बाहर चार बसें खड़ी थीं, जिनमें सवार होकर विधायक होटल गए। यह रिसॉर्ट पॉलिटिक्स गहलोत खेमे के विधायकों को एकजुट रखने के कदम का हिस्सा है, क्योंकि उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को घोषणा की थी कि गहलोत सरकार अल्पमत में है।