आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते एक पत्रकार के खिलाफ देशद्रोह और साइबर अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।
रायपुर। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते एक पत्रकार के खिलाफ देशद्रोह और साइबर अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी पत्रकार कमल शुक्ला ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और संघ प्रमुख मोहन भागवत को लेकर भी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है। मामला छत्तीसगढ़ के कांकेर का है।
साइबर सेल की जांच के बाद मुकदमा
साइबर सेल की प्राथमिक जांच के बाद आरोपी पत्रकार के खिलाफ आईपीसी की धारा 124A केस तहत केस दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता के बयान दर्ज होने के बाद साइबर एक्ट की कुछ धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त आरोपी पत्रकार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
राजस्थान के युवक ने दर्ज कराया मुकदमा
यह कार्रवाई जयपुर के एक शख्स की शिकायत पर की गई है। देश के शीर्ष पदों पर बैठे संवैधानिक व्यक्तियों के खिलाफ ऐसी भाषा के इस्तेमाल से आहत एक शख्स ने छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा है।
सार्वजनिक रूप से बताने लायक नहीं शब्द
शुक्ला ने देश की महत्वपूर्ण शख्सियतों के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें नक्सलियों का हिमायती बताया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई इस बयानबाजी के शब्द सार्वजनिक रूप से बताने लायक नहीं हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद शिकायतकर्ता से सोशल मीडिया पर डाली गई आपत्तिजनक पोस्ट मांगी है।