राजनीति

संतोष गंगवार के बिगड़े बोल: इतने बड़े देश में हो जाते हैं एक-दो रेप, न बनाए मुद्दा

उन्होंने कहा, 'ऐसी घटनाएं (बलात्कार के मामलों) दुर्गाग्यपण होती है, पर कभी कभी इन्हें रोका नहीं जा सकता है।'

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Apr 22, 2018

नई दिल्ली। कैबिनेट से शनिवार को पाॅक्सो एक्ट के नए अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इसपर अपनी सहमति दे दी है। इसके चलते अब 12 साल से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म के मामलों में आरोपी को मौत की सजा सुनाए जाने का प्रावधान है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इस फैसले की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही उन्होंने रेप से जुड़े मामलों में एक विवादित बयान भी दे डाला।

बलात्कार की घटनाओं पर बोले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि लोगों को देश में होने वाले एक या दो बलात्कार की घटनाओं का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। जानकारी के मुताबिक कठुआ में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंगरेप व हत्या और उन्नाव में 17 वर्षीय लड़की के बलात्कार के मामले में कथित आरोपी भाजपा विधायक के खिलाफ देश भर में आक्रोश के जवाब में यह बयान दिया था।

दिया ये विवादित बयान
समाचार एजेंसी के खबर के मुताबिक उन्होंने कहा, 'ऐसी घटनाएं (बलात्कार के मामलों) दुर्गाग्यपण होती है, पर कभी कभी इन्हें रोका नहीं जा सकता है। सरकार सक्रिय है सब जगह, कार्रवाई कर रही है। भारत जैसे इतने बड़े देश में ऐसी एक दो घटना हो जाए तो बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए।'

केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का स्वागत
गंगवार ने ट्विटर पर भी पाॅक्सो एक्ट में संशोधन करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का स्वागत किया। गंगवार ने प्रशंसा करते हुए ट्वीट किया, 'मैं, 12 साल से कम उम्र के किसी भी लड़की के साथ बलात्कार के लिए मृत्युदंड और 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ छेड़खानी करने पर सजा का प्रावधान 10 से बढ़ाकर 20 साल की सजा करने के प्रावधान का स्वागत करता हूं। इससे समाज में गुनाहों के निवारण में मदद मिलेगी। हम सभी को इस अपराध के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।'

आखिरी बार 2013 में हुआ था संशोधन
सरकार ने शनिवार को आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश, 2018 के प्रावधान को मंजूरी दे दी, जिसमें अदालतों को 12 साल से कम उम्र के बच्चों से बलात्कार के दोषी ठहराए जाने पर मौत की सजा देने की इजाजत दी। आखिरी बार 2013 में, सरकार ने आपराधिक कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश का मार्ग अपनाया था। बता दें कि दिल्ली में दिसंबर 2012 के गैंगरेप के तुरंत बाद, यूपीए सरकार महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न के लिए सख्त सजा देने के लिए एक अध्यादेश लाई थी।

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Published on:
22 Apr 2018 01:50 pm
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