राजनीति

Shocking Video: पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में बंदूक के दम पर लूट ली मतपेटी

सोमवार को पश्चिम बंगाल में हुए पंचायत चुनाव में जबरदस्त हिंसा हुई, इसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी।

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May 16, 2018
West Bengal Panchayat repolling

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल पंचायत पुर्नमतदान में मतपेटी लूटने का एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। जिसमें हथियारबंद लोगों को समूह मतपेटी लूटकर भागता दिख रहा है। बता दें सोमवार को हुए चुनावी हिंसा में 12 लोगों की मौत हो गई थी। चुनाव बाद हिंसा की सूचना हावड़ा जिले से मिली, जहां तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं व बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष में 20 घरों पर बम भी फेंके गए थे।

हथियार के दम पर लूटा बूथ
न्यूज एजेंसी एएनआई ने बूथ कैप्चरिंग का एक वीडियो जारी किया है। जिसमें कुछ लोग एक मतपेटी लेकर जाते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये वीडियो मालदा के रतुआ बूथ संख्या 76 का है। वीडियो बनाने वाले शख्स ने दावा किया है कि उसे अब जान से मारने की धमकी दी जा रही है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कुछ लोगों के हाथ में बंदूक भी है, जिसके दम पर उन्होंने बूथ लूटा होगा।

चुनावी हिंसा पर पीएम ने जताई चिंता
बंगाल चुनावी हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी चिंता जताई। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने लोकतंत्र को निजी राजनीतिक स्वार्थों के लिए लहुलुहान कर दिया। उन्होंने कहा कि देश को हर मोड़ पर दिशा देने वाले पश्चिम बंगाल को राजनीतिक स्वार्थ के लिए लहुलुहान कर दिया गया। लोकतंत्र के सीने पर घाव पड़े हैं। उससे ....सभी राजनीतिक दलों, सिविल सोसाइटी एवं न्यायपालिका को कोई ना कोई भूमिका अदा करनी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह किसी को दोष नहीं देना चाहते। लेकिन ऐसे तौर तरीके चिंता का विषय हैं।

टीएमसी बोली- बीजेपी ने कराई हिंसा
पीएम के बयान पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि ज्यादातर हत्याओं और हिंसा की घटनाओं को प्रधानमंत्री की स्वयं की भारतीय जनता पार्टी ने अंजाम दिया है। बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ने पहले ही कहा था कि हम उन्हें दिखाएंगे कि हिंसा क्या होती है। चटर्जी ने कहा कि बीजेपी को पहले अपनी पार्टी को नियंत्रित करना चाहिए।

सोमवार को चुनाव के दौरान जमकर हिंसा और आगजनी
बता दें कि सोमवार को पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में राजनीतिक संगठनों के बीच बड़े पैमाने पर हिंसा और संघर्ष देखने को मिला। हालांकि, 58,000 मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए 60,000 से अधिक सशस्त्र जवानों और 80,000 नागरिक स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था। दिन के चढ़ने के साथ बूथ पर कब्जा करने, मतपेटियों को तोड़ने व झड़पों की खबरें दक्षिण व उत्तर 24 परगना, उत्तरी दिनाजपुर, नादिया, पश्चिम मिदनापुर व कूच बिहार जिलों से प्राप्त हुईं।

Published on:
16 May 2018 06:18 pm