यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति वी के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अब्बास अंसारी की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता उपेन्द्र उपाध्याय ने बहस की। याची का कहना है कि 3मार्च की चुनावी सभा में सत्ता में आने पर अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी।जिसकी एफ आई आर 4मार्च को दर्ज कराई गई है।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विधानसभा चुनाव के दौरान आपत्ति जनक बयान देने के आरोप में कोतवाली नगर में में दर्ज एफआईआर के तहत बाहुबली मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। और राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति वी के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अब्बास अंसारी की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता उपेन्द्र उपाध्याय ने बहस की।
याची का कहना है कि 3मार्च की चुनावी सभा में सत्ता में आने पर अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी।जिसकी एफ आई आर 4मार्च को दर्ज कराई गई है। याची का कहना है कि आरोपों पर सात साल से अधिक सजा नहीं दी जा सकती।और 153ए संज्ञेय अपराध की धारा जानबूझकर जोड़ी गई है।कहा गया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एफ आई आर दर्ज कराई गई है किन्तु यह सही नहीं है।
इस धारा में पुलिस याची को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।जब कि वह मऊ से विधायक हैं।उसे शपथ लेने नहीं दिया जा रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन हफ्ते में याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई 27अप्रैल को होगी। कोर्ट ने याची को विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया है और कहा है कि सहयोग नहीं करते तो अंतरिम आदेश विखंडित करने की सरकार अर्जी दाखिल कर सकती हैं।