
Jhansi Road Accident: उत्तर प्रदेश के झांसी में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद समेत 2 युवकों की मौत हो गई। हादसा पूंछ थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अब दुर्घटनाग्रस्त क्रेटा कार का ट्रैफिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।
जांच में सामने आया है कि जिस क्रेटा गाड़ी से यह दुर्घटना हुई, वह मोहम्मद जैद नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस वाहन का पुराना ट्रैफिक रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि इस पर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने (ओवरस्पीडिंग), अवैध पार्किंग और बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने जैसे कई नियमों के उल्लंघन पर आधा दर्जन से ज्यादा चालान पहले से पेंडिंग हैं। वर्ष 2022 से 2026 के बीच इस वाहन के 16 चालान हुए हैं। इनमें छह चालान ओवरस्पीड के हैं।
पुलिस के मुताबिक, अबान अहमद अपने साथियों के साथ प्रयागराज से झांसी जा रहा था। उसका बड़ा भाई अली अहमद इस समय झांसी जेल में बंद है और सभी उससे मुलाकात के लिए निकले थे।
अबान अहमद माफिया अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा था। वर्ष 2023 में प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस कार्रवाई के दौरान अबान और उसके भाई अहजम को नाबालिग होने के कारण बाल संरक्षण गृह भेजा गया था। बाद में अदालत और बाल कल्याण समिति के आदेशों के बाद अक्टूबर 2023 में दोनों को रिहा कर उनकी बुआ की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया था। वर्तमान में उसका बड़ा भाई अली अहमद झांसी जेल में निरुद्ध है।
पुलिस ने दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और वाहन की तकनीकी जांच के आधार पर हादसे के कारणों की पुष्टि की जाएगी। साथ ही कार के ट्रैफिक रिकॉर्ड और दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
सबसे छोटे भाई की असमय मौत से अतीक का चौथा बेटा एहजाम (अहजाम) पूरी तरह टूट चुका है और उसका रो-रोकर बुरा हाल है। एहजाम ने अपने भाई की मौत पर कहा कि अल्लाह की चीज अल्लाह ने ले ली। करीबी सूत्रों और रिश्तेदारों के मुताबिक, एहजाम को जैसे ही यह पता चला कि उसके छोटे भाई अबान का सड़क हादसे में निर्धन हो गया, वह बदहवास हो गया। एक के बाद एक अपने पिता, चाचा और दो भाइयों को खो चुका एहजाम इस नए सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। उसके मुंह से सिर्फ यही शब्द निकल रहे हैं कि कुनबे पर आखिर दुखों का यह पहाड़ कब खत्म होगा। पूरी खबर पढ़ें