
Atiq Ahmed Son Abaan Ahmed Funeral Update: अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में बंद उसके दोनों बड़े भाइयों मोहम्मद उमर और अली अहमद को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने दोनों भाइयों को अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल दे दी है। अब दोनों भाई कड़ी सुरक्षा के बीच अपने भाई को अंतिम विदाई देने प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की डिवीजन बेंच ने दोनों भाइयों की पैरोल अर्जी मंजूर की है। हालांकि अदालत ने यह पैरोल इस सख्त शर्त के साथ दी है कि दोनों भाई इस दौरान मीडिया से किसी भी तरह की बातचीत बिल्कुल नहीं करेंगे। यह पैरोल अर्जी अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की ओर से वकीलों द्वारा दाखिल की गई थी जिनके पास अहजाम और अबान की कस्टडी थी।
पैरोल का आदेश मिलने के बाद पुलिस और जेल प्रशासन दोनों भाइयों को प्रयागराज लाने की तैयारियों में तेजी से जुट गया है। आपको बता दें कि अतीक का बड़ा बेटा मोहम्मद उमर वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद है जबकि दूसरा बेटा अली अहमद झांसी जेल में अपनी सजा काट रहा है। कागजी और कानूनी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को देखते हुए अबान का अंतिम संस्कार अब शनिवार को होने की संभावना जताई जा रही है। जनाजे को लेकर प्रयागराज में चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और खुफिया एजेंसियों की तैनाती की गई है।
अबान को कसारी मसारी के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक अबान को दफनाने के लिए कब्र खोदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट रही है जिसे देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। दूसरी तरफ छोटे भाई की मौत की खबर सुनकर झांसी जेल में बंद अली पूरी रात सो नहीं सका। वह रात भर रोता रहा और इस दौरान उसने खाना भी नहीं खाया।
गौरतलब है कि गुरुवार दोपहर कानपुर से झांसी जाते समय झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास यह भीषण हादसा हुआ था। तेज रफ्तार क्रेटा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी जिससे कार के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई थी। कार सवार लोग अतीक के दूसरे बेटे अली से ही जेल में मुलाकात करने जा रहे थे। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे अबान का शव झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव पहुंचा। अतीक का पुश्तैनी घर टूटने के बाद से अबान यहीं रह रहा था।