
Atiq Ahmed Son Aban Funeral: माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद की मौत के बाद शनिवार को प्रयागराज में उसके अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे। जेल में बंद बड़े भाई उमर और अली को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली पैरोल के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच जनाजे में शामिल होने के लिए लाया गया था। इसी दौरान उनके साथ चल रहे वाहनों के काफिले को लेकर प्रतापगढ़ और प्रयागराज में विवाद सामने आया। टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़ने, कर्मचारियों से अभद्रता और वाहन चढ़ाने की कोशिश के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया है।
आबान की गुरुवार को झांसी जाते समय सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जेल में बंद उसके भाई उमर और अली को कोर्ट से पैरोल मिली थी। शनिवार को दोनों को पुलिस अभिरक्षा में प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया। उनकी सुरक्षा में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। दोनों के आने की खबर के बाद कब्रिस्तान और आसपास के इलाकों में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति यह रही कि कुछ जगह पुलिस की बैरिकेडिंग पर भी दबाव बढ़ गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। करीब कई घंटे तक कब्रिस्तान और आसपास के रास्तों पर लोगों की आवाजाही बनी रही।
उमर और अली की प्रिजन वैन के पीछे बड़ी संख्या में लग्जरी वाहन भी प्रयागराज पहुंचे। काफिले में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों के नंबर वाले वाहन भी शामिल बताए गए हैं। प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र स्थित अख्तियारी कोटिला टोल प्लाजा पर शनिवार दोपहर काफिले में शामिल कुछ वाहनों को लेकर विवाद हुआ। टोल प्रबंधन की शिकायत के मुताबिक, एक थार चालक ने टोल देने से इनकार करते हुए बैरियर तोड़कर निकलने की कोशिश की। आरोप है कि टोल कर्मचारी द्वारा वाहन रोकने पर चालक और उसके साथ मौजूद लोगों ने गाली-गलौज की और कर्मचारी को वाहन से कुचलने की धमकी दी। शिकायत में वाहन से टोल कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। इसके बाद पीछे आ रही एक स्कॉर्पियो समेत अन्य गाड़ियां भी बिना टोल दिए निकल गईं। टोल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित वाहनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रयागराज के नवाबगंज टोल प्लाजा पर भी काफिले को लेकर विवाद सामने आया। टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश यादव के मुताबिक, शनिवार शाम काफिले में शामिल गाड़ियों ने टोल बैरियर तोड़कर बिना शुल्क दिए निकलने की कोशिश की।शिकायत में टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट और उन्हें वाहन से कुचलने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। टोल प्रबंधन की ओर से पुलिस को घटना से जुड़े साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं। पुलिस ने मामले में काफिले में शामिल 28 वाहनों और उनके चालकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। फिलहाल पुलिस नंबर प्लेट के आधार पर वाहनों और उनके चालकों की पहचान करने में जुटी है।
अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अली अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच वापस झांसी के लिए रवाना कर दिया गया। करीब 35 सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में उसे प्रयागराज से झांसी ले जाया गया। झांसी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार के मुताबिक, अली अहमद को रविवार तड़के 4:41 बजे झांसी जेल में दाखिल करा दिया गया। वहीं, उमर को भी पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद संबंधित जेल में वापस भेजे जाने की प्रक्रिया की गई।
अतीक अहमद और अशरफ की हत्या, बेटे असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत और अब आबान की सड़क दुर्घटना के बाद परिवार से जुड़ी घटनाओं में बड़ी भीड़ देखने को मिली है। आबान के अंतिम संस्कार के दौरान भी यही तस्वीर नजर आई। हालांकि, काफिले और टोल प्लाजा से जुड़े मामलों में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवादित वाहनों में कौन-कौन लोग सवार थे और घटनाओं में उनकी क्या भूमिका रही।