
Atiq Ahmed Son Aban Dies: अतीक अहमद परिवार के सदस्यों उमर और अली को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चार शर्तों पर पैरोल दी है। दोनों को बुआ परवीन कुरैशी और भाई अहमद (अहजम) से मिलने का एक-एक घंटे का समय दिया गया है। पुलिस ने यह मुलाकात कसारी-मसारी कब्रिस्तान की एक मस्जिद में कराने का इंतजाम किया है। दोनों के वकीलों को भी केस के संबंध में मिलने की अनुमति दे दी गई है।
हाईकोर्ट ने पैरोल देते हुए चार शर्तें लगाई हैं। पहली शर्त है कि मीडिया से बात नहीं करेंगे। दूसरी, सोशल मीडिया पर कोई गतिविधि नहीं करेंगे। तीसरी, सार्वजनिक सभा को संबोधित नहीं करेंगे और चौथी, किसी भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। अली और उमर को चार साल में पहली बार पैरोल मिली है। उमर लखनऊ जेल से और अली झांसी जेल से आएंगे।
कब्रिस्तान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी वहां तैनात कर दिए गए हैं। वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दोनों की गाड़ियों को कहां रोका जाएगा और कहां तक ले जाया जाएगा। कब्रिस्तान के बाहर कई लेयर में बैरिकेडिंग की गई है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस करवा रही है। अबान का जनाजा शाम 5 बजे के बाद निकलेगा। तब तक अंधेरा हो जाएगा, इसलिए कब्रिस्तान में लाइट का भी इंतजाम किया गया है। तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
उल्लेखनीय है कि अबान की गुरुवार सुबह झांसी में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह प्रयागराज से झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहा था। क्रेटा कार में उसके साथ चार दोस्त भी थे। सुबह करीब 10:30 बजे हाईवे पर जानवर को बचाने के चक्कर में कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य दोस्त घायल हो गए।
अबान और सोनू के शव शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे एक ही एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव लाए गए। यहां अबान की बुआ का घर है। अतीक अहमद का घर तोड़ दिए जाने के बाद अबान यहीं रह रहा था। परिवार पर इस दुखद घटना का गहरा सदमा है।
पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है। मुलाकात और अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग कब्रिस्तान परिसर में पहुंच रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।