
Uttar Pradesh News: गंगा एक्सप्रेसवेपर यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई यूपी रोडवेज प्रयागराज रीजन की पहली बस सेवा उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। प्रयागराज रीजन के लीडर रोड डिपो द्वारा मेरठ के लिए शुरू की गई बस सेवा को आखिरकार बंद करना पड़ा है। यात्रियों की संख्या बेहद कम रहने और लगातार घाटा होने के कारण रोडवेज प्रशासन ने यह फैसला लिया है। हालांकि अब इसी रूट पर AC बसें चलाने की तैयारी की जा रही है।
प्रयागराज और मेरठ के बीच करीब 650 किलोमीटर की दूरी को कम समय में तय कराने के लिए रोडवेज ने हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे पर नॉनस्टॉप बस सेवा शुरू की थी। इस सेवा के जरिए यात्रियों को महज 10 घंटे में मेरठ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। अधिकारियों को उम्मीद थी कि एक्सप्रेसवे की बेहतर कनेक्टिविटी और तेज रफ्तार के कारण यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद (Response) मिलेगा।
रोडवेज की उम्मीदों के विपरीत इस बस सेवा को यात्रियों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। हालात ऐसे रहे कि शुरूआती 2 से 3 दिनों तक बस लगभग खाली ही चलती रही। पर्याप्त संख्या में यात्री नहीं मिलने के कारण संचालन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया।
यात्रियों की कमी के चलते बस सेवा लगातार घाटे में चल रही थी। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार स्थिति ऐसी हो गई थी कि बस के संचालन पर होने वाला डीजल खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से इस रूट पर बस सेवा बंद करने का निर्णय लिया गया।
अधिकारियों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे सीधे तौर पर किसी भी जिला मुख्यालय को नहीं जोड़ता। जिन जिलों से यह गुजरता है, वहां से भी जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 30 से 40 किलोमीटर है। यही कारण रहा कि यात्रियों ने इस रूट को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी।
रोडवेज प्रशासन अब इसी मार्ग पर AC बसें चलाने की योजना बना रहा है। सहालग के सीजन को देखते हुए प्रयागराज रीजन गंगा एक्सप्रेसवे पर नई AC सेवा शुरू करने की तैयारी में जुट गया है।
यूपी रोडवेज प्रयागराज रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि साधारण बस में लंबी दूरी का सफर यात्रियों को आकर्षित नहीं कर सका। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में एसी बस सेवा शुरू की जा सकती है, जिससे यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।