इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दाखिल जनहित याचिका पर याची अधिवक्ता से स्वयं ही पायलट प्रोजेक्ट सुझाव तैयार कर पेश करने को कहा है, ताकि विचार कर पूरे प्रदेश में लागू कराया जाए। मामले सुनवाई करते हुए यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने बुंदेलखंड किसान यूनियन की तरफ से दाखिल याचिका पर दिया है।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छुट्टा जानवरों से किसानों को राहत दिलाने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर याची अधिवक्ता से स्वयं ही पायलट प्रोजेक्ट सुझाव तैयार कर पेश करने को कहा है, ताकि विचार कर पूरे प्रदेश में लागू कराया जाए। मामले सुनवाई करते हुए यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने बुंदेलखंड किसान यूनियन की तरफ से दाखिल याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि छुट्टा जानवरों से न केवल किसानों की फसलों को नुक्सान हो रहा है अपितु इनकी वजह से सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि होती जा रही है।सड़कों पर आवारा घूमते जानवर लोगों की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। याची का कहना है कि राज्य सरकार की स्कीम पर ठीक से अमल न किये जाने के कारण छुट्टा जानवरों की देखभाल की उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है।
किसानों द्वारा फसल को नुक्सान से बचाने के लिए खेतों में लगाई गई फेंसिंग में जानवर घायल हो रहे हैं।और किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। याचिका में छुट्टा जानवरों की उचित व्यवस्था करने की मांग की गई है। याचिका की सुनवाई 30मार्च को होगी।