प्रयागराज

Allahabad High Court: मैनपुरी छात्रा की मौत का मामले में अधिकारियों की व्यस्तता के चलते सुनवाई टली, 23 मार्च को होगी सुनवाई

कोर्ट ने पूछा था कि प्रधानाचार्या के खिलाफ हत्या का आरोप कैसे हटाया गया और उसकी गिरफ्तारी धारा 306 में कैसे की गई। इस पर सरकार की तरफ से कहा गया था कि एसआईटी की विवेचना में अभी तक मिले साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। विवेचना में हत्या से सम्बंधित साक्ष्य मिलता है तो उनकी गिरफ्तारी तदनुसार बदल दी जाएगी।  

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Allahabad High Court: मैनपुरी छात्रा की मौत का मामले में अधिकारियों की व्यस्तता के चलते सुनवाई टली, 23 मार्च को होगी सुनवाई

प्रयागराज: मैनपुरी जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा की स्कूल में मौत मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।अगली सुनवाई 23मार्च को होगी। सरकार की तरफ से बताया गया कि विधानसभा चुनाव के चलते चुनाव आयोग के निर्देश पर अधिकारियों की व्यस्तता है। जिसने इच्छित जानकारी नहीं मिल सकी है।समय दिया जाय। मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ केस की सुनवाई कर रही है। मालूम हो कि सरकार ने जानकारी दी थी कि विद्यालय की प्रधानाचार्या को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी भारतीय दंड संहिता की धारा 306 ( आत्महत्या के लिए उकसाने) के अन्तर्गत की गई है।

कोर्ट ने पूछा था कि प्रधानाचार्या के खिलाफ हत्या का आरोप कैसे हटाया गया और उसकी गिरफ्तारी धारा 306 में कैसे की गई। इस पर सरकार की तरफ से कहा गया था कि एस आई टी की विवेचना में अभी तक मिले साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। विवेचना में हत्या से सम्बंधित साक्ष्य मिलता है तो उनकी गिरफ्तारी तदनुसार बदल दी जाएगी।

अभी तक छात्रा की विद्यालय परिसर में मौत को लेकर हत्या के साक्ष्य नहीं मिले हैं। एस आई टी ने हर पहलू पर विचार किया है। साक्ष्य छात्रा द्वारा आत्महत्या किये जाने के संकेत मिल रहे हैं। जिसकी पारिवारिक वजह भी हो सकती है। कहा गया था कि एस आई टी को छात्रा द्वारा लिखित एक पत्र मिला है। जाँच जारी है । मैनपुरी के महेन्द्र प्रताप सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग में यह याचिका दायर की है।इनका कहना है पुलिस आरोपियों को पकड़ने के बजाय पीड़िता के परिवार को कटघरे में खड़ा कर रही है।

Published on:
04 Mar 2022 11:19 am
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