प्रयागराज

जब तक योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नहीं बनते…नहीं पहनूंगा जूते-चप्पल, गूगल गोल्डन बाबा ने लिया प्रण

Google Golden Baba News : गूगल गोल्डन बाबा ने एक प्रण लिया है कि जब तक योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नहीं बन जाते तब तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। आपको बता दें कि गोल्डन बाबा 4 किलो के चांदी के चूते पहनते हैं।
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Updated: 23 Jan 2026, 2:17 PM IST
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गोल्डन गूगल बाबा ने त्यागे जूते-चप्पल, PC- Patrika

प्रयागराज : माघ मेले के वसंत पंचमी स्नान पर्व पर संगम तट श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर नजर आया। सुबह चार बजे से ही संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन के अनुसार अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं, जबकि शाम तक यह संख्या करीब साढ़े तीन करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।

संगम तट पर साधु-संतों की अनोखी वेशभूषा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसी बीच एक बार फिर अपने अलग अंदाज के कारण चर्चा में आए ‘गूगल गोल्डन बाबा’ ने बड़ा ऐलान कर सबका ध्यान खींच लिया।

योगी आदित्यनाथ को पीएम बनाने का संकल्प

गोल्डन बाबा ने घोषणा की कि जब तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नहीं बन जाते, तब तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। उन्होंने अपने साढ़े चार किलो वजनी चांदी के जूतों का त्याग कर दिया है। बाबा का कहना है कि वे योगी आदित्यनाथ को हनुमान जी का स्वरूप मानते हैं और इसी आस्था के साथ यह संकल्प लिया है।

कौन हैं ‘गूगल गोल्डन बाबा’?

‘गूगल गोल्डन बाबा’ मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं। उनका असली नाम स्वामी मनोजानंद महाराज है। सोने-चांदी के भारी आभूषण पहनने के कारण वे गोल्डन बाबा के नाम से प्रसिद्ध हैं।

वे चांदी का भारी मुकुट, सोने-चांदी से जड़ा शंख, दसों उंगलियों में देवी-देवताओं की आकृतियों वाली सोने की अंगूठियां और शुद्ध सोने से बनी लड्डू गोपाल की प्रतिमा हमेशा साथ रखते हैं। उनके साथियों के अनुसार, बाबा करीब 5 करोड़ रुपये से अधिक के सोना-चांदी के आभूषण धारण करते हैं।

देशभर में परिक्रमा का संकल्प

गोल्डन बाबा का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2024 से भीष्म प्रतिज्ञा ले रखी है। वे देश के सभी राज्यों में तीर्थ यात्राएं कर रहे हैं। उनका विश्वास है कि योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने से गौहत्या बंद होगी और देश में धर्म व संस्कृति की रक्षा होगी। इसी आस्था के साथ बाबा ने चांदी के जूतों का त्याग कर अपनी यात्रा जारी रखने की घोषणा की है।

साधु वेश में डॉक्टर भी पहुंचे संगम

इस अवसर पर प्रयागराज के प्रसिद्ध बेली हॉस्पिटल के नेत्र सर्जन डॉ. के.के. मिश्रा भी साधु के वेश में संगम पहुंचे। हाथ में डमरू और त्रिशूल लिए वे शंखनाद करते नजर आए, जिसे देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

वहीं, मौनी बाबा ने भी अनोखी तपस्या करते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर तक लेटते हुए संगम पहुंचकर स्नान किया। स्नान के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं को रसगुल्ले प्रसाद के रूप में वितरित किए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने आज अक्षयवट के दर्शन बंद कर दिए हैं।

Updated on:
23 Jan 2026, 2:17 PM IST
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