Ashok Kharat Case: ED ने नाशिक के विश्वास बैंक में आरोपी अशोक खरात के लॉकर से 1.1 करोड़ का सोना और विदेशी मुद्रा जब्त की है। दैवीय शक्ति के नाम पर महिलाओं का शोषण करने वाले इस 'पाखंडी बाबा' पर अब मनी लॉन्ड्रिंग का शिकंजा कस गया है।
ED Raid Nashik: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को नासिक के 'विश्वास को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड' में अशोक खरात और उनकी पत्नी कल्पना खरात के सील किए गए बैंक लॉकर को खोला। इस तलाशी के दौरान ED ने 1.1 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण, 5,500 अमेरिकी डॉलर और अन्य कीमती सामान जब्त किया है।
अशोक खरात को हाल ही में खुद के पास 'दैवीय शक्तियां' होने का दावा कर महिलाओं का यौन शोषण करने और लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस आपराधिक मामले के बाद ED ने खरात के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत जांच शुरू की है। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि खरात ने इतनी बड़ी संपत्ति किन स्रोतों से जुटाई और क्या यह अपराध की कमाई से बनाई गई है।
ED के सूत्रों के मुताबिक, महिलाओं का शोषण करने वाला अशोक खरात ने नाशिक की दो सहकारी साख समितियों (Cooperative Credit Societies) में तीसरे पक्ष (Third Parties) के नाम पर कई बैंक खाते खोल रखे थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी बेनामी खातों में अशोक खरात ने खुद को 'नॉमिनी' बना रखा था, ताकि पैसों पर उसका पूरा नियंत्रण बना रहे।
इससे पहले की गई छापेमारी में भी केंद्रीय एजेंसी ने खरात और उसके सहयोगियों से जुड़े कई बैंक खातों और लॉकर्स को अटैच किया था। ED अब इन सभी खातों के लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इस पूरे वित्तीय साम्राज्य के पीछे के असली मास्टरमाइंड और सहयोगियों का पर्दाफाश किया जा सके। आपको बता दें कि पुलिस और ED की इस संयुक्त कार्रवाई ने नाशिक में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि खरात ने धर्म और आस्था की आड़ में न केवल लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया, बल्कि करोड़ों की काली कमाई भी इकट्ठा की।
गौरतलब है कि नासिक का स्वयंभू बाबा अशोक खरात 19 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था। उस पर महिलाओं के यौन शोषण और रेप जैसे गंभीर आरोप लगे थे। गिरफ्तारी के बाद यह मामला पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बन गया था और कई राजनीतिक नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।