Weather Alert: रायगढ़ जिले में बैशाख की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। तापमान लगातार बढ़ते हुए 41 डिग्री तक पहुंच चुका है...
CG Weather Update: बैशाख माह की शुरुआत से ही सूर्यदेव के तीखे तेवर जारी हैं। इससे रायगढ़ जिला लू की चपेट में आ गया है। गर्मी के कारण हर दिन तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में इसमें और इजाफा होने की संभावना है।
जिला भीषण लू की चपेट में आ गया है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी होगी। सोमवार तक पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे दोपहर में सडक़ें वीरान और बाजार सूने रहेंगे। लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।
शुक्रवार को तापमान 41 डिग्री रहेगा, वहीं शनिवार और रविवार को यह 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। सोमवार तक पारा 43 डिग्री सेल्सियस छूने का अनुमान है। सुबह 10 बजे से ही तेज तपिश महसूस होने लगती है, जिसके कारण लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। दोपहर डेढ़ बजे से शाम चार बजे तक शहर की सड़कें पूरी तरह वीरान नजर आ रही हैं।
कामकाजी लोग भी पूरे शरीर को कपड़ों से ढककर ही निकल रहे हैं, फिर भी उन्हें तेज धूप और लू से परेशानी हो रही है। बाहर निकलने के कुछ देर बाद ही लोग छांव और शीतल जल की तलाश करते दिख रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शादी-ब्याह के सीजन होने के बावजूद दोपहर में बाजार सूने पड़े हैं। बाजारों में रौनक अब शाम ढलने के बाद ही शुरू हो पा रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि एक द्रोणिका/ हवा के अनियमित गति पूर्वी विदर्भ से कोमोरिन क्षेत्र तक तेलंगाना, अंदरुनी कर्नाटक और तमिलनाडू होते हुए 0.9 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। 24 अप्रैल को मौसम मुख्यत: शुष्क रहने की संभावना है। इससे दो दिनों तक दो डिग्री के आसपास तापमान वृद्धि होने की संभावना है। इससे ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है। हालांकि 26 अप्रैल से पुन: बादल के साथ-साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है।
भीषण गर्मी से कामकाजी लोगों की समस्या बढ़ गई है। श्रमिक सुबह शाम काम करना शुरू कर दिए हैं, लेकिन सूर्य ढलते तक गर्म हवा के थपेड़े चलने से उनकी परेशानी कम नहीं हो रही है। ऐसे में इनका कार्य भी प्रभावित हो रहा है।