अंबिकापुर निवासी योगेश्वर, पांच माह पहले ही अत्यधिक शराब पीने व ढंग से ड्यूटी नहीं करने की वजह से बर्खास्त कर दिया गया था।
रायगढ़. रायगढ़ के ६वीं बटालियन के 40 वर्षीय बर्खास्त आरक्षक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। उसका शव उर्दना बस्ती के एक गली में मिला। पुलिस की प्रारंभिक जांंच में यह बात सामने आई है कि अत्यधिक शराब पीने की वजह से आरक्षक की मौत हुई है। अत्यधिक शराब सेवन की वजह से ही उसे पांच माह पहले बर्खास्त कर दिया गया था। जिसके बाद से ही वह शराब पी कर जहां-तहां घूमते रहता था।
कोतवाली पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। कोतवाली पुलिस ने उर्दना बस्ती के करीब एक व्यक्ति को मृत अवस्था में पाया। जिसकी पहचान रायगढ़ के ६वीं बटालियन के बर्खास्त आरक्षक योगेश्वर वैष्णव पिता गोविंद दास वैष्णव 40 वर्ष के रुप में हुई है। अंबिकापुर निवासी योगेश्वर, करीब पांच माह पहले ही अत्यधिक शराब पीने व ढंग से ड्यूटी नहीं करने की वजह से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद भी सिपाही योगेश्वर का शराब सेवन कम नहीं हुआ।
इस बीच रविवार की देर शाम बस्ती में उसे अचते अवस्था में देखा गया। स्थानीय लोगों की लगा कि वो शराब पी कर गिरा होगा। पर काफी देर बाद भी वो नहीं उठा तो मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस बर्खास्त आरक्षक को इलाज के लिए अस्पताल लाई। जहां डाक्टरों ने उसे काफी देर पहले ही मौत होने की बात कही। ऐसे में, मृत बर्खास्त आरक्षक के बीजापुर व अंबिकापुर स्थित परिजनों को मामले की जानकारी दे दी गई है। वहीं उनके रायगढ़ पहुंचने के बाद पीएम की कवायद पूरी की गई। कोतवाली पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
आठ दिन पहले आया था चंद्रपुर से रायगढ़
कोतवाली पुलिस ने बताया कि बर्खास्त होने के बाद योगेश्वर, चंद्रपुर में रहता था। चंद्रपुर से आठ दिन पहले ही रायगढ़ आया था। पुरानी जान पहचान की वजह से वो उर्दना बस्ती में जहां-तहां रह कर शराब पी रहा था। इस बीच रविवार की देर शाम उसे अचेत अवस्था व उसके बाद मौत की खबर मिली। प्रारंभिक जांच में भी उसकी मौत की वजह अत्यधिक शराब का सेवन ही आया है। हलांकि पीएम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि होने की बात भी कही जा रही है।