
DMF Khaniij Jyoti Yojana: छत्तीसगढ़ में आर्थिक तंगी अब खनन प्रभावित क्षेत्रों के मेधावी छात्रों की उच्च शिक्षा में बाधा नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी क्रम में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ), रायगढ़ द्वारा ‘खनिज ज्योति योजना’ शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य खनन गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी योग्य छात्र की पढ़ाई केवल आर्थिक कारणों से प्रभावित न हो।
इस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को देश और राज्य के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने पर 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), इंजीनियरिंग, मेडिकल (MBBS/BAMS), विधि, प्रबंधन (MBA), डिप्लोमा तथा अन्य व्यावसायिक एवं कृषि पाठ्यक्रम शामिल हैं।
वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए योजना के तहत केवल 20 स्वीकृत सीटें निर्धारित की गई हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट-कम-प्रेफरेंस इंडेक्स के आधार पर की जाएगी, जिसमें खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित घोषित गांवों या नगरीय निकायों के स्थायी निवासी हों। आवेदक का नाम बीपीएल या अंत्योदय सूची में होना अनिवार्य है तथा वैध राशन कार्ड आवश्यक होगा।
कक्षा 12वीं में न्यूनतम अंकों की शर्त निर्धारित की गई है। सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के लिए कम से कम 55 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक तय किए गए हैं। इसके अलावा आवेदक की अधिकतम आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इन शर्तों के आधार पर ही योजना के लिए पात्र छात्रों का चयन किया जाएगा।
यदि आवेदन निर्धारित सीटों से अधिक प्राप्त होते हैं तो चयन मेरिट सह वरीयता सूचकांक के आधार पर किया जाएगा। प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं जैसे JEE, NEET, CLAT आदि के माध्यम से IIT, NIT, AIIMS, IIM और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने वाले छात्रों को उच्च वरीयता दी जाएगी। समान स्थिति में कक्षा 12वीं की मेरिट, पारिवारिक आय तथा अनाथ, एकल अभिभावक और दिव्यांग छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इच्छुक और पात्र विद्यार्थी आवेदन पत्र रायगढ़ जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.raigarh.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं या कार्यालय से डाउनलोड कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे गए आवेदन 30 जुलाई 2026 तक कक्ष क्रमांक-93, डीएमएफ शाखा, कलेक्ट्रेट कार्यालय रायगढ़ में जमा करने होंगे। अपूर्ण या निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।