
रायगढ़। प्रदेश में बढ़ते अपराध ने सबके मन में परेशानी खड़े कर दी है।आए दिन हो रहे दुष्कर्म के मामलों ने सबका दिल दहला दिया है। एक खबर रायगढ़ जिले से भी आई है जहा एक लड़का एक आदिवासी लड़की से छेड़छाड़ करते पकड़ा गया है। यह कोई पहली दफा नहीं था ऐसे कई बार आरोपी लड़के ने लड़की के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया था।
यह मामला तब उजागर हुआ जब आरोपी ने बीच रास्ते में लड़की से बत्तमीजी करनी शुरू कर दी। दरअसल सारंगढ़ थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग लड़की एक अगस्त की रात अपने घर थी। तभी ग्राम कटेकोनी निवासी अनिल यादव (24) नाबालिग के घर घुसा। आरोपी को घर में घुसते नाबालिग की मां ने देखा और शोर मचाई तो घर के बाकी सदस्य भी वहा पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया।
बाद में पीड़ित के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी को समझाइश देकर छोड़ दिया था। इसके बाद भी आरोपी नाबालिग का पीछा करता रहता रहा । 13 मार्च 2018 को फिर से आरोपी ने नाबालिग से छेड़छाड़ करने लगा।नाबालिग द्वारा विरोध करने पर उसे अपहरण करने की धमकी देने लगा। इसी बीच नाबालिग की मां वहां आ गई तो आरोपी वहां से भाग गया।
इसके बाद घटना की रिपोर्ट थाना में की गई। जहां पुलिस ने छेड़छाड़, पॉस्को एक्ट व एसटी/एससी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना मे लिया गया था।इस बीच आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया था। मंगलवार को रायगढ़ कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई और आरोपी को तीन साल के सश्रम कारावास और दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
मंगलवार को एस्ट्रोसिटीज एक्ट के विशेष न्यायाधीश गिरिजा देवी मेरावी की कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। वहीं दोषी को दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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