
Raigarh ACB Action: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्ट्रेट के राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा के बाबू राजकुमार सिदार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने सर्पदंश से मृत महिला के परिजनों को शासन की ओर से मिलने वाली मुआवजा राशि जारी कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा। फिलहाल मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, बुलाकीग्राम निवासी विजय सिदार की पत्नी की सर्पदंश के कारण मौत हो गई थी। शासन की ओर से ऐसे मामलों में मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आरोप है कि राहत राशि को पीड़ित के बैंक खाते में जारी करने के एवज में बाबू राजकुमार सिदार ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से की।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। मंगलवार को ACB की टीम ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को 50 हजार रुपये का चेक स्वीकार करते समय रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन जांच की जाएगी।
ACB की कार्रवाई की खबर मिलते ही रायगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। कई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने में जुट गए। सरकारी कार्यालय में रिश्वतखोरी के इस मामले ने एक बार फिर प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं और मुआवजा राशि के नाम पर रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले पैसे की मांग करता है, तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित एजेंसी को दें। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।