रायगढ़

सर्वे हुआ पूरा, अब बदलेगी सालों से उपेक्षित पड़े भूजबंधान तालाब की तस्वीर

शहर का भूजबंधान तालाब लंबे समय से उपेक्षित है। ऐसे में इस तालाब को जीर्णोद्धार किए जाने की मांग लंबे समय से उठ रही है।

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Feb 16, 2018

रायगढ़. शहर के भूजबंधान तालाब की दशा सुधरने के आसार नजर आने लगे हैं। इस तालाब के जीर्णोंद्धार को लेकर लगातार उठ रही मांग को देखते हुए इसका सर्वे करवाया गया। सर्वे का काम नगर निगम के पंजीकृत बिलासपुर के आर्कि टेक्ट द्वारा किया गया है। ऐसे में अब इस तालाब के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बनाया जाना है।

शहर का भूजबंधान तालाब लंबे समय से उपेक्षित है। ऐसे में इस तालाब को जीर्णोद्धार किए जाने की मांग लंबे समय से उठ रही है। पूर्व में जब जिला प्रशासन के द्वारा लोक सुराज हो या शहर सुराज हो प्रत्येक शिविर में तालाब की दशा सुधारने के लिए आवेदन जमा किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री के पास भी तालाब की दशा सुधारने की मांग को लेकर पत्र भेजा गया। यह पत्र पार्षद दिनेश शर्मा , अशोक यादव व पार्षद शाखा यादव के द्वारा अलग-अलग भेजा गया। खास बात यह है कि यह तालाब तीन वार्ड के बीच में है।

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ऐसे में तीनों वार्ड के लोग इस तालाब का उपयोग निस्तारी के लिए करते हैं। पिछले दिनों भी तालाब के जीर्णोद्धार के लिए पत्र भेजा गया था। बताया जा रहा है कि इस पत्र के बाद नगर निगम ने तालाब का जीर्र्णोद्धार कराने की सहमति दी। वहीं इसके लिए सर्वे का काम करवाया गया। यह सर्वे का काम नगर निगम बिलासपुर के आर्किटेक्ट के द्वारा किया गया।

उल्लेखनीय है कि नगर निगम के कार्यों के लिए बिलासपुर के आर्किटेक्ट से अनुबंध है। ऐसे में उक्त फर्म ने इसका सर्वे कर लिया है। बताया जा रहा है कि पहले आर्किटेक्ट के द्वारा कुछ कर्मचारियों को भेजा गया था। वहीं इसके बाद आर्किटेक्ट भी यहां पहुंचे थे। उनके द्वारा भी सर्र्वे कर लिया गया है। अब इसका प्रस्ताव बनाया जाएगा, ताकि जल्द ही कार्य शुरू किया जा सके।

लोगों की ओर से हुई थी इसकी मांग
तालाब जीर्णाेद्धार में लोगों द्वारा यह मांग की गई कि तालाब में हर माह पानी भरा रहे। ताकि लोगों को निस्तारी की समस्या नहीं हो। वहीं तालाब में पानी भरे रहने से आसपास क्षेत्र में वाटर लेबल घटने की समस्या भी नहीं आएगी। इसके अलावा तालाब के आसपास गार्डन विकसित किए जाने की मांग भी है। साथ ही कुछ स्थानों का गंदा पानी तालाब में मिलता है। ऐसे में उक्त गंदे पानी के निकासी के नाला निर्माण किए जाने की भी मांग है।

खानापूर्ति में सीएसआर का काम
पूर्व में जिला प्रशासन के द्वारा शहरों के तालाबों को जीर्णोद्धार करने की दिशा में कदम उठाया था। इस समय जिला प्रशासन ने तालाबों को सीएसआर के मद से जीर्णोद्धार करने का निर्देश जारी किया था। इसमें भूजबंधान तालाब का जीर्णोद्धार जिंदल कंपनी के द्वारा करवाए जाना था, लेकिन जीर्णाेद्धार के नाम पर खानापूर्ति ही हुई। ऐसे में इसका लाभ लोगों को नहीं मिल सका। इसकी वजह से अब फिर से तालाब का जीर्णोद्धार कराए जाने की आवश्यकता पड़ रही है।

-तालाब लंबे समय से उपेक्षित है। इसकी वजह से गर्मी के दिनों में तालाब का पानी सूख जाता है और लोगों को निस्तारी की समस्या झेलनी पड़ती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया था। वहीं कई बार स्थानीय अधिकारियों से मांग भी की गई थी- दिनेश शर्मा, पार्षद

-तालाब की स्थिति को देखते हुए इस मामले में लोक सुराज शिविर, सीएम सहित जिला प्रशासन को भी पत्र दिया गया है। पिछले दिनों सामान्य सभा में यह बात उठाई गई थी। इसके बाद से जीर्णोद्धार की दिशा में प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें सर्वे का काम पूरा हो चुका है- शाखा यादव, पार्षद

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Published on:
16 Feb 2018 12:44 pm
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