
Chhattisgarh Police: पश्चिम जोन में अपराधों की रोकथाम और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) रॉबिन्सन गुरिया के निर्देश पर अभियान चला। इसमें एसीपी, 9 थानेदार सहित 110 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। अलग-अलग टीमें बनाकर गश्त किया गया। इसमें क्षेत्रों में संवेदनशील और अपराध प्रभावित इलाकों, बीएसयूपी, आरडीए कॉलोनियों, सार्वजनिक स्थानों, सुनसान क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों, होटल-ढाबों और संदिग्ध ठिकानों पर सघन जांच की।
आदतन अपराधियों, गुंडा और निगरानी बदमाशों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई। अभियान में 54 गुंडा बदमाशों और 29 निगरानी बदमाशों के घर दबिश दी गई। इनमें 4 के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। 20 चाकूबाजों का सत्यापन कर उन्हें भविष्य में आपराधिक गतिविधियों में शामिल न होने की सख्त चेतावनी दी गई। वारंटियों और फरार आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए 8 स्थायी वारंट और 5 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। अवैध शराब के 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
मुख्य सचिव विकास शील ने गृह विभाग की राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (सीसीटीएनएस) को लेकर उच्चस्तरीय बैठक ली। इसका आयोजन सोमवार को मंत्रालय में किया गया था। इस दौरान उन्होने राज्य पुलिस थानों में कामकाज की डिजिटल मॉनिटरिंग और एनसीआरबी मानकों को पूरा करने के लिए सीसीटीएनएस सिस्टम्स के डैशबोर्ड स्कोर में सुधार करने कहा। साथ ही खराब प्रदर्शन वाले जिलों और थानों पर विशेष फोकस करते हुए डेटा एंट्री में तेजी लाने की हिदायत दी।
वहीं कमजोर बिंदुओं पर फोकस करते हुए त्वरित सुधार करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान राज्य पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी किए गए स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में 64.97 अंक मिले हैं। बैठक में डीजीपी अरुण देव गौतम, गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के मध्य जोन अंतर्गत थाना मौदहापारा में ई- मालखाना की शुरुआत की गई। इसका शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित कांबले ने किया। इससे पूर्व कमिश्नरेट रायपुर में थाना कोतवाली से ई-मालखाना की शुरूआत की गई थी। इससे पुलिस कस्टडी में रखी जाने वाली जब्त संपत्तियों और माल-मशरूका के रखरखाव को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित किया जा रहा है।
इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, थाना प्रभारी मौदहापारा शक्ति सिंह सहित थाने की समस्त अधिकारी और कर्मचारी स्टाफ उपस्थित रहे। ई-मालखाना प्रणाली के माध्यम से अपराधों एवं अन्य प्रकरणों में जब्त किए गए माल के सुरक्षित व वैज्ञानिक प्रबंधन को सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही जब्त संपत्तियों की डिजिटल प्रविष्टि, रेकॉर्ड संधारण होने से उनकी ‘चेन ऑफ कस्टडी’ स्पष्ट और सुदृढ़ बनी रहेगी। इससे किसी भी जब्त माल की स्थिति, विवरण एवं उससे संबंधित प्रकरण की जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी तथा न्यायालयीन प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ेगी।