
Chhattisgarh Heavy Rain: बंगाल की खाड़ी और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने से पूरे प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है। बीते 24 घंटों में राज्य के सभी संभागों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। रायपुर में 34.8 मिमी पानी गिरा, जबकि चांपा, जांजगीर, नगरी, राजिम और पिथौरा सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है।
हालांकि व्यापक बारिश के बावजूद प्रदेश में अब तक औसत से 18 फीसदी कम पानी बरसा है, जिसे मौसम विज्ञानी सामान्य मान रहे हैं। तेज बारिश के बीच प्रदेश के दो जिलों में आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से भारी तबाही हुई है। एमसीबी के ग्राम शिवपुर में सोमवार शाम खेत में रोपा लगा रहे मजदूरों पर अचानक गाज गिर गई। हादसे में 15 वर्षीय मनीष और 34 वर्षीय कुंती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए जिनका इलाज जारी है।
वहीं इसी ब्लॉक के मंगोरा गांव में भी गाज की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की जान चली गई। वहीं सूरजपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम नमदगिरी में खेत में काम कर रहे 35 वर्षीय युवक विनय देवांगन की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
बारिश ने जमीनी व्यवस्थाओं की भी पोल खोल दी है। धमतरी (नगरी) के गणेश घाट-देउरपारा मार्ग पर 1.87 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा पुल अधूरा है और ठेकेदार द्वारा बनाया गया अस्थायी डायवर्जन पुल मूसलाधार बारिश में बह गया। इसके चलते स्कूली बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार करने पर मजबूर हैं। उधर, नाले की सफाई न होने से चारभाठा क्षेत्र में करीब 100 एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है, जिससे आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है।
छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन के दौरान लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश दर्ज की जा रही है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने से नदियां-नाले उफान पर हैं, सड़क और पुलों का संपर्क टूटने की घटनाएं बढ़ी हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।