रायपुर

आबकारी मंत्री को ब्लैकमेल करने वाले को पकडऩे वाली टीम पर गिरी गाज, हेड कांस्टेबल सहित दो लाइन हाजिर

आबकारी मंत्री लखमा ने 4 जनवरी को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस टीम में शामिल अधिकारियों और पुलिस जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। उन्होंने टीम के साहसपूर्ण कार्य की प्रशंसा की थी। उसके अगले दिन पुलिस टीम को मंत्री लखमा ने चाय पार्टी के लिए बुलाया था।

2 min read
Jan 09, 2020
आबकारी मंत्री को ब्लैकमेल करने वाले को पकडऩे वाली टीम पर गिरी गाज, हेड कांस्टेबल सहित दो लाइन हाजिर

रायपुर. चार दिन पहले जिस पुलिस टीम का आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने तारीफों के पुल बांधे थे, उसी टीम के चार पुलिस कर्मियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। हेड कांस्टेबल सहित दो जवानों को सोमवार को लाइन अटैच कर दिया गया। साथ ही एक एसआई और आरक्षक को भी अनुशासनहीनता के दायरे में मानकर जांच शुरू कर दी गई है।

लाइन अटैच हुए हेड कांस्टेबल और आरक्षक ने पुलिस लाइन में आमद दे दी है। इस कार्रवाई का कारण पुलिस अफसरों ने स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पुलिस की टीम की सफलता से खुश होकर आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने अपने बंगले में चाय पार्टी दी थी। इसमें टीम में शामिल पुलिस जवानों को बुलाया गया था। चाय पार्टी में शामिल होने के लिए एक एसआई सहित तीन लोग गए थे। इसके चलते चारों पर कार्रवाई हुई है।

कंट्रोल रूम में किया था सम्मानित

सूत्रों के मुताबिक आबकारी मंत्री लखमा ने 4 जनवरी को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस टीम में शामिल अधिकारियों और पुलिस जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। उन्होंने टीम के साहसपूर्ण कार्य की प्रशंसा की थी। उसके अगले दिन पुलिस टीम को मंत्री लखमा ने चाय पार्टी के लिए बुलाया था। पार्टी में पुलिस टीम के केवल चार लोग ही गए। इसकी जानकारी पुलिस के अन्य अधिकारियों को नहीं हुई।

सिविल लाइन थाना प्रभारी को भी इसका पता नहीं था। बाद में मामले की जानकारी आला अफसरों को हुई। बिना सूचना के मंत्री से मिलने को अधिकारियों ने अनुशासनहीनता माना। इसके बाद चार दिन तक विभागीय जांच चली। इसके बाद सोमवार को सिविल लाइन के हेड कांस्टेबल मेलाराम और आरक्षक विक्रम वर्मा को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया। एसआई व एक अन्य आरक्षक का फिलहाल आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनकी जांच की जा रही है।

क्या था मामला

आबकारी मंत्री लखमा को सीबीआई इंस्पेक्टर बनकर शिमला से अंकुश शर्मा ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था। वह उनके खिलाफ सीबीआई को मिली शिकायत की जांच करने का दावा करता था और शिकायत को निपटाने के एवज में दो लाख रुपए की मांग भी कर रहा था। मंत्री लखमा के पीएसओ नोने सिंह ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में की थी।

अपराध दर्ज करने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने एसआई के नेतृत्व में चार लोगों की टीम बनाई थी। टीम ने डीएसपी अभिषेक माहेश्वरी के निर्देशन में आरोपी को गिरफ्तार किया और रायपुर लेकर पहुंची थी। टीम को बहादुरी को देखते हुए मंत्री ने उस टीम के सभी सदस्यों को सम्मानित किया था।

टीम पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।
- आरिफ शेख, एसएसपी, रायपुर

हेड कांस्टेबल मेला राम और आरक्षक विक्रम वर्मा ने पुलिस लाइन में आमद दिया है। कारण प्रशासनिक बताया गया है।

- चंद्रप्रकाश तिवारी, प्रभारी, पुलिस लाइन, रायपुर

Published on:
09 Jan 2020 03:21 pm
Also Read
View All