
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ पर कसा तीखा तंज, कहा- सांसारिकता त्यागने के बजाय कुर्सी से चिपके हुए हैं
रायपुर. प्रदेश के मुख्या भूपेश बघेल ने गेरुआ रंग धारण करने वाले दो प्रमुख राजनीतिज्ञों पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि भगवा रंग को गेरुआ वस्त्र कहा जाता है, जो त्याग का परिचायक होता है। गेरुआ वस्त्र और ध्वजा शिवाजी महाराज ने अपनाया था और अपना पूरा राजपाठ समर्पित कर दिया था।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी नाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने भगवा रंग धारण कर लिया है, लेकिन संसार का त्याग नहीं कर पा रहे हैं बल्कि कुर्सी से चिपक गए हैं। सही मायने में भारत के साधु-संतों ने जिस भगवा रंग को अपनाया और त्याग की भावना से अपनाया वो त्याग यहां नहीं दिखाई देता।
आदित्यनाथ फैला रहे हैं जातिवाद
उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में तो जातिवाद दिखाई दे रहा है। योगी आदित्यनाथ वहां जातिवाद फैला रहे हैं। गेरुआ वस्त्र त्याग का रंग है। हरा रंग हरियाली का इसी प्रकार सफेद रंग सादगी का परिचायक है, लेकिन आप स्वयं को साधु बताकर गेरुआ धारण कर रहे हैं और मोह माया में फंसे हुए हैं। ये रंग इसलिए नहीं है कि सत्ता हासिल की जाए।
प्रज्ञा ठाकुर पर भी साधा निशाना
उन्होंने भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर को साध्वी मैंने से इंकार करते हुए कहा कि मैं प्रज्ञा ठाकुर को साध्वी नहीं मानता। वो जब भी जुबान खोलती है तो जहर उगलती है ये साधु का लक्षण नहीं होता।
Updated on:
31 Dec 2019 03:15 pm
Published on:
31 Dec 2019 03:15 pm
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