
Raipur News: रायपुर के पावर प्लांट परिसर में हाइवा की चपेट में आने से 26 वर्षीय कर्मचारी केशव कुमार महिलांगे की मौत हो गई। हादसे के बाद मुआवजे और शव सुपुर्दगी की मांग को लेकर परिजनों ने प्लांट के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। उनके समर्थन में मजदूर यूनियन और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सदस्य भी मौके पर पहुंचे हैं।
जानकारी के मुताबिक पावर प्लांट परिसर में काम के दौरान केशव कुमार महिलांगे हाइवा की चपेट में आ गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद घायल कर्मचारी को बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। मृतक के परिजन प्लांट पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया।
मृतक के परिजनों का कहना है कि परिवार के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने हादसे के बाद उचित मुआवजे की मांग की है। इसी मांग को लेकर परिजनों ने प्लांट के गेट पर धरना शुरू किया। परिजनों के समर्थन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और मजदूर यूनियन के सदस्य भी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्लांट प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों से सीधे बातचीत करने और मुआवजे के मुद्दे पर निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मुआवजे को लेकर चर्चा करने के लिए प्लांट प्रबंधन की ओर से जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आ रहे हैं। इसी वजह से गेट के बाहर विरोध की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल मृतक के परिजन और उनके समर्थन में पहुंचे प्रदर्शनकारी प्लांट के गेट पर मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि प्रबंधन की ओर से जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आएं और परिवार के साथ बातचीत कर उचित मुआवजे को लेकर निर्णय लें। हादसे के बाद एक तरफ जहां केशव कुमार महिलांगे के परिवार में शोक का माहौल है, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही घटनाओं ने प्लांट में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना के बीच प्लांट में तीन दिन पहले हुए हादसे का मामला भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि उस हादसे में पांच मजदूर घायल हुए थे। लगातार कुछ ही दिनों के अंतराल में हादसे सामने आने के बाद प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पहले हुए हादसे की जानकारी को प्लांट प्रबंधन की ओर से छिपाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।