
CG Rajyotsav 2025: छत्तीसगढ़ के रायपुर में राज्योत्सव के मेलास्थल के लिए सिटी बसों और 100 इलेक्ट्रॉनिक ऑटो (ईवी) का संचालन बंद करने से लोग हलाकान हो रहे हैं। इसके चलते वहां जाने वाले लोगों की संख्या लगातार कम हो रही है। सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था नहीं होने से शहर से दूर मेला देखने के लिए जाने से परहेज कर रहे हैं।
वहीं दूरदराज से आने वाले लोगों को अपने वाहन 2-3 किमी दूर रखने के बाद पैदल चलना पड़ रहा है। दिन के समय किसी तरह मेला स्थल में पहुंचने के बाद रात के समय लौटने वालों के लिए किसी भी तरह का साधन नहीं होने पर दो तीन किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है।
बताया जाता है कि यात्री बसों का संचालन शदाणी दरबार से आगे एक्सप्रेस वे सिग्नल से बायपास रोड में डायवर्ट किया गया है। मेला स्थल तक किसी भी तरह के आवागमन का साधन नहीं होने के कारण शाम होते ही माना बस्ती से आगे सन्नाटा पसरा रहता है।
बता दें कि इसके पहले पीएम नरेन्द्र मोदी की सभा में भीड़ जुटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सिटी बस और 100 ईवी चलाने की घोषणा की गई थी, लेकिन उनके वापस जाते ही बसों व ऑटो को बंद कर दिया गया। बता दें कि जिला प्रशासन ने पहले सिटी, यात्री बस और ऑटो चलाने की घोषणा की थी।
शहर से करीब 20 किमी की दूरी तय करने करने के बाद 3 किमी पैदल चलने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इसके पहले कार, बस, ऑटो और अन्य वाहनों का रूट और पार्किंग तय की गई थी। नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित होने वाले वीआईपी एवं नागरिकों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन तथा वाहनों की पार्किंग के लिए मार्ग व पार्किंग स्थल निर्धारित किया गया है।
राज्योत्सव स्थल पहुंचने वालों की सुविधानुसार पहुंच मार्गों को 06 रूट में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक रूट में पार्किंग स्थल बनाए गए थे। बता दें कि अभनपुर, धमतरी, बालोद, दुर्ग की ओर से आने वाले वाहनों के लिए राज्योत्सव पहुंच मार्ग (कार/ चारपहिया वाहन से आने वालों के लिए अभनपुऱ -ग्राम बकतरा-ग्राम केन्द्री-बेन्द्री मोड़-मिंटू पब्लिक स्कूल-निमोरा प्रशासनिक अकादमी के सामने से ग्राम निमोरा के पास पार्किंग स्थल बनाया गया है। यहां से लोगों को पैदल ही जाना पड़ रहा है।
रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने कहा की राज्योत्सव देखने जाने वालों के लिए सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। लोगों की परेशानी और व्यवस्था को देखते हुए ऑटो के संचालन पर विचार किया जाएगा ताकि परिजनों के साथ पहुंचने वालों को राहत मिल सकें।