
Chhattisgarh Tourism: छत्तीसगढ़ के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के आसपास पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बस्तर जिले के तीरथ गांव में चित्रकोट जलप्रपात से लगभग 500 मीटर की दूरी पर 25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक टेंट सिटी विकसित की जाएगी। इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा।
मंगलवार को मंत्रालय में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) की बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में परियोजना की लागत, वित्तीय प्रबंधन और पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टेंट सिटी केवल ठहरने की सुविधा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसे एक समग्र पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों के लिए एडवेंचर एक्टिविटी, डेस्टिनेशन वेडिंग, कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट आने वाले पर्यटकों का ठहराव बढ़ाना और उन्हें एक बेहतर पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराना है।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चित्रकोट जलप्रपात और उसके आसपास के क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि चित्रकोट देश के सबसे बड़े जलप्रपातों में शामिल है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखती है। यदि पर्यटन सुविधाओं का समुचित विकास किया जाए तो यह क्षेत्र राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान बना सकता है।
सरकार का मानना है कि टेंट सिटी बनने के बाद बस्तर में केवल मानसून या छुट्टियों के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य छोटे व्यवसायों को भी लाभ होगा। इसके साथ ही क्षेत्र के युवाओं के लिए गाइड, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन प्रबंधन और एडवेंचर गतिविधियों से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बैठक में परियोजना के वित्तीय मॉडल और निवेश व्यवस्था पर भी विस्तार से विचार किया गया। चूंकि यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी, इसलिए सरकारी और निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य सहित पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
चित्रकोट जलप्रपात पहले से ही देश-विदेश के पर्यटकों के बीच अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। प्रस्तावित टेंट सिटी और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकसित होने से यह क्षेत्र एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉर्पोरेट इवेंट्स का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे बस्तर की पर्यटन क्षमता को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है।