रायपुर

भारत माला प्रोजेक्ट में बड़ा फर्जीवाड़ा! ED-EOW की जांच में खुल रहे राज, अब 24 करोड़ की बेनामी संपत्तियां होंगी नीलाम

Benami Property: Bharat Mala Project Scam में ED-EOW की कार्रवाई तेज, 24 करोड़ की बेनामी संपत्तियां अटैच। कोर्ट की अनुमति के बाद नीलामी कर आरोपियों से होगी वसूली।

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Jun 21, 2026
Raipur Land Scam
Raipur Land Scam: अब 24 करोड़ की बेनामी संपत्तियां होंगी नीलाम(photo-patrika)

Bharat Mala Project Scam: छत्तीसगढ़ के रायपुर में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित करोड़ों रुपए के घोटाले में अब आरोपियों से वसूली की तैयारी शुरू हो गई है। जांच एजेंसियों ने फर्जीवाड़े की रकम से खरीदी गई करीब 24 करोड़ रुपए की बेनामी चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया है। इसमें जमीन, अन्य प्रॉपर्टी और बैंक खातों में जमा राशि शामिल है। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद इन संपत्तियों की नीलामी कर राशि सरकारी खाते में जमा कराई जाएगी। मामले की जांच ईडी और ईओडब्ल्यू की टीम कर रही है।

Chhattisgarh Bharat Mala Project Scam: 80 करोड़ के घोटाले के मिले इनपुट, जांच में सामने आया जमीन का खेल

भारत माला परियोजना में ईडी और ईओडब्ल्यू की जांच के दौरान करीब 80 करोड़ रुपए के घोटाले के इनपुट सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक जमीन अधिग्रहण से पहले मिलीभगत कर बैक डेट में जमीनों के टुकड़े किए गए और इसके आधार पर ज्यादा मुआवजा लेने का खेल किया गया।

भारत माला प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना के तहत चल रहा है। इसके अंतर्गत रायपुर से विशाखापट्टनम तक करीब 463 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है।

जमीन दलाल, कारोबारी और अफसरों पर कार्रवाई

घोटाले की जांच में कई सरकारी अधिकारियों और निजी लोगों पर कार्रवाई की गई है। ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन एसडीओ-राजस्व और सक्षम प्राधिकारी निर्भय कुमार साहू को मुख्य आरोपी माना है। उन पर पद का दुरुपयोग कर रिकॉर्ड में हेरफेर करने और ज्यादा मुआवजा दिलाने का आरोप है।

इसके अलावा तत्कालीन तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, जमीन दलाल और अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं ईडी ने मामले में मुख्य जमीन कारोबारी और कथित मास्टरमाइंड जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार किया है।

56 लाख की जमीन पर लिया 9.83 करोड़ का मुआवजा लेने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार जयप्रकाश गांधी पर आरोप है कि उन्होंने करीब 56 लाख रुपए की जमीन के बदले लगभग 9.83 करोड़ रुपए का मुआवजा हासिल किया। फिलहाल मामले में ईडी, ईओडब्ल्यू और कमिश्नरी की टीम जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों से घोटाले की रकम वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
21 Jun 2026 07:52 am