
Chhattisgarh BTech Counselling 2026: रायपुर@अनुराग सिंह। राज्य में संचालित इंजीनियरिंग काॅलेजों में बैचलर ऑफ टेक्नोलाॅजी (बी टेक) पाठ्यक्रमों में प्रवेश की काउंसिलिंग 30 जून से शुरू हो रही है। तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने काउंसिलिंग शेड्यूल भी जारी कर दिया है। प्रवेश तीन चरणों की काउंसिलिंग के बाद होगा। काउंसिलिंग के प्रत्येक चरण के लिए अभ्यर्थियों को अलग-अलग से आवेदन करना होगा।
जानकारी के अनुसार, राज्य में 34 इंजीनियरिंग कॉलेजों में लगभग 11 हजार 514 सीटें है। प्रथम चरण की काउंसिलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 30 जून से 6 जुलाई तक चलेगी। जिसके बाद मेरिट सूची 7 जुलाई को जारी की जाएगी। जिसपर दावा आपत्ति 8 जुलाई तक कर सकेंगे। आवंटन व रिजल्ट 10 जुलाई को जारी होंगे, जिसमें प्रवेश विद्यार्थियों को 11 जुलाई से 15 जुुलाई तक लेना होगा।
ऐसे ही द्वितीय चरण की प्रक्रिया में रजिस्ट्रेशन 17 से 21 जुलाई तक चलेगी। मेरिट सूची 22 जुलाई को जारी होगी जिस पर दावा-आपत्ति 23 जुलाई तक कर सकेंगे; उसके बाद आवंटन व रिजल्ट 25 जुलाई को जारी होगी, जिसमें प्रवेश 26 से 30 जुलाई तक लेना होगा।
दो चरण की काउंसिलिंग के बाद भी सीटें रिक्त रह जाती हैं तो संस्था स्तर पर काउंसिलिंग होगी। इसके लिए पंजीयन 1 से 6 अगस्त तक किए जा सकेंगे। जिसकी मेरिट सूची 9 अगस्त को जारी होगी। इस सूची के अनुसार संस्था स्तर पर आवंटन के लिए अवसर लेने के लिए अभ्यर्थियों को संस्था में 10 अगस्त को सुबह 10 बजे उपस्थित होना होगा।
प्रवेश की कार्यवाही 13 अगस्त दोपहर 1 बजे तक की जाएगी। इसके बाद भी यदि सीटें रिक्त रह जाती हैं तो 13 अगस्त को दोपहर 1.30 बजे से 14 अगस्त 5.30 बजे तक अभ्यर्थियों को मेरिट सूची के अनुसार अवसर प्रदान किया जाएगा।
काउंसिलिंग में एक पाठ्यक्रम के लिए एक अभ्यर्थी से एक ही ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किया जाएगा। द्वितीय चरण के काउंसिलिंग में भाग लेने पर, यदि अभ्यर्थी द्वारा किसी संस्था में प्रथम चरण प्रवेश में लिया हुआ है, तो उनका प्रथम चरण का प्रवेश स्वतः निरस्त हो जाएगा।
वहीं संस्था स्तर की काउंसिलिंग में अभ्यर्थी को किसी एक संस्था हेतु ही अपने विकल्प चयन करने की छूट होगी। अभ्यर्थी जिस संस्था का चयन कर रहा है, उस संस्था में उपलब्ध अधिक से अधिक विषय चयन कर सकते हैं। साथ ही संस्था स्तर की काउंसिलिंग हेतु आवेदन करने पर यदि अभ्यर्थी द्वारा किसी संस्था में प्रवेश लिया हुआ है, तो वह तब तक निरस्त नहीं होगा, जब तक की अभ्यर्थी संस्था स्तर की काउंसिलिंग में प्रवेश नहीं लेगा।
जानकारी के अनुसार, राज्यभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में मूल निवासी प्रमाण पत्र के बिना प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थियों के पास मूल निवासी प्रमाण पत्र होने पर ही कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही कॉलेजों की साथ ही सीटों की संख्या घटी है। कॉलेजों में सीटें ज्यादा भरें इसके लिए उम्र का बंधन भी हटा दिया गया। पहले प्रदेश में अधिकतम 30 साल के विद्यार्थी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश ले पाते थे।