
राहुल जैन/रायपुर. छत्तीसगढ़ के सियासी संग्राम में नोटा (नन ऑफ द अबव) एक बार फिर तीसरी ताकत बनकर उभर सकता है। यदि पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें, तो नोटा 34 विधानसभा सीटों पर तीसरे और 33 सीटों पर चौथे नम्बर पर रहा। यानी कुल 90 विधानसभा सीट में से 67 सीटों पर नोटा ने अहम भूमिका निभाई।
नोटा के कुल वोट प्रतिशत के आंकड़ों से देखें तो भाजपा, कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय के बाद 3.07 फीसदी मतदाताओं ने प्रत्याशियों के चेहरे की जगह नोटा पर ज्यादा भरोसा जाता है। जबकि सरकार बनाने में हार-जीत का अंतर मात्र 0.75 फीसदी थी। मतलब नोटा को हार-जीत के अंतर से तीन गुना ज्यादा वोट मिले थे। ऐसे में इस चुनाव में नोटा प्रत्याशियों के गणित को कभी भी धराशायी कर सकता है।
नोटा का प्रभाव शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण और माओवाद प्रभावित क्षेत्र में भी नजर आता है। राजधानी की चार विधानसभा सीटों की बात करें, तो रायपुर ग्रामीण, रायपुर उत्तर और रायपुर दक्षिण में नोटा तीसरे नम्बर पर रहा। वहीं माओवाद प्रभावित क्षेत्र कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, जगदलपुर और बीजापुर के ग्रामीण मतदाताओं ने भी नोटा का बटन दबाकर उसे तीसरे पायदान पर लाकर खड़ा कर दिया था। नोटा के बनते-बिगड़ते समीकरण ने राजनीतिक दलों की भी चिंता बढ़ा दी है।
मंत्रियों की जीत में नोटा की रही अहम भूमिका
रमन मंत्रिमंडल की बात करें, तो कुछ मंत्रियों की जीत में नोटा ने ही सबसे अहम भूमिका निभाई है। इनमें श्रम मंत्री भैयालाल राजवाड़े का नाम सबसे प्रमुख है। 2013 के चुनाव में भैयालाल राजवाड़े ने बैकुंठपुर सीट से चुनाव लड़ा था। यहां नोटा चौथे नम्बर पर था। नोटा को 3265 वोट पड़े थे। जबकि राजवाड़े 1063 वोटों से ही जीत हासिल की थी।
यही स्थिति खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले की रही। मोहले ने मुंगेली विधानसभा सीट से 2745 वोटों से जीत हासिल की थी। जबकि यहां नोटा चौथे नम्बर पर रहा और 5025 वोट मिले थे। प्रतापपुर विधासभा सीट में गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, बीजापुर विधानसभा सीट में वनमंत्री महेश गागड़ा और रायपुर पश्चिम विधानसभा सीट से लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत की जीत में भी नोट का अहम योगदान रहा।
5 मंत्रियों के क्षेत्र में नोटा तीसरे नम्बर पर
प्रदेश के पांच मंत्रियों के क्षेत्र ऐसे हैं, जहां मतदाताओं ने सत्ता और विपक्ष के प्रत्याशियों को नकारते हुए नोटा का बटन दबाया है। स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप, वन मंत्री महेश गागड़ा, स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर, उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय और कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के विधानसभा क्षेत्र में नोटा तीसरे नम्बर पर रहा है। हालांकि इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में जीत का अंतर बहुत अधिक रहा है।
इन सीटों में नोटा रहा चौथे नम्बर पर
बैकुंठपुर, प्रतापपुर, कुनकुरी, लैलूंगा, सारंगढ़, रामपुर, पाली तानाखार, मुंगेली, अकलतरा, जांजगीर चांपा, पामगढ़, महासमुंद, बिलाईगढ़, बलौदाबाजार, रायपुर पश्चिम, अभनपुर, राजिम, धमतरी, डौंडीलोहारा, पाटन, दुर्ग शहर, वैशालीनगर, अहिवारा, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, खुज्जी, मोहला मानपुर, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, चित्रकोट, दंतेवाड़ा और कोंटा।
तीसरे नम्बर पर : प्रेमनगर, रामानुजगंज, सामरी, लुंड्रा, अंबिकापुर, सीतापुर, पत्थलगांव, रायगढ़, खरसिया, धरमजयगढ़, कोरबा, मरवाही, बिलासपुर, सरायपाली, बसना, भाटापारा, धरसींवा, रायपुर ग्रामीण, रायपुर उत्तर, बिंद्रानवागढ़, कुरुद, संजारी बालोद, भिलाईनगर, साजा, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगांव, अंतागढ़, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, जगदलपुर और बीजापुर।