रायपुर

Public Holiday: आज है छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक छुट्टी, स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर सब बंद

Hareli Public Holiday: हरेली तिहार के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक अवकाश है। स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे, जबकि पूरे प्रदेश में पारंपरिक उत्साह के साथ हरेली पर्व मनाया जाएगा।
2 min read
Aug 12, 2026
Public Holiday
Public Holiday: आज है छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक छुट्टी(photo-patrika)

Public Holiday: छत्तीसगढ़ का पारंपरिक लोकपर्व हरेली तिहार आज पूरे प्रदेश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। हरेली पर्व के अवसर पर राज्य सरकार ने 12 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसके चलते प्रदेशभर के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और बैंक बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री निवास में भी हरेली पर्व के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन किए जाएंगे। इस पर्व को खेती-किसानी, हरियाली और ग्रामीण संस्कृति का प्रतीक माना जाता है।

Chhattisgarh Public Holiday: हरेली पर पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश

हरेली तिहार के अवसर पर राज्य सरकार ने प्रदेशभर में सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) घोषित किया है। आज सभी शासकीय कार्यालयों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहेंगे। अगस्त माह में स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण विद्यार्थियों और कर्मचारियों को लगातार छुट्टियों का लाभ भी मिलेगा।

कृषि और प्रकृति से जुड़ा है हरेली पर्व

हरेली सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। 'हरेली' का अर्थ हरियाली से है। वर्षा ऋतु में धरती हरियाली से आच्छादित हो जाती है और खरीफ फसलों की बुआई का कार्य लगभग पूरा हो जाता है। किसान इस दिन अपने कृषि उपकरणों जैसे हल, नांगर, कुदाली, फावड़ा और गैंती की साफ-सफाई कर उनकी पूजा करते हैं तथा गुड़ के चीले और नारियल का भोग लगाते हैं।

पशुधन की सुख-समृद्धि की भी होती है कामना

हरेली पर्व पर किसान अपने पशुओं के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। परंपरा के अनुसार पशुओं को औषधीय गुणों से युक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में यादव समाज के लोग जंगलों से जड़ी-बूटियां और कंदमूल लाकर किसानों को उपलब्ध कराते हैं। बदले में किसान उन्हें चावल, दाल और अन्य उपहार भेंट करते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।

गेड़ी चढ़ना और लोक परंपराएं हैं विशेष आकर्षण

हरेली तिहार का सबसे बड़ा आकर्षण गेड़ी चढ़ना माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे और युवा लकड़ी की गेड़ी बनाकर उस पर चलते हैं और पारंपरिक खेलों का आनंद लेते हैं। इसके अलावा गांवों में ठाकुर देव की पूजा, सामूहिक आयोजन और लोकगीतों के माध्यम से इस पर्व को पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री निवास में भी होंगे विशेष आयोजन

हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में भी पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य सरकार हर वर्ष इस लोकपर्व को छत्तीसगढ़ की संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन से जोड़कर विशेष रूप से मनाती है। हरेली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, किसानों और लोक संस्कृति के प्रति सम्मान और आस्था का प्रतीक भी है।

Updated on:
12 Aug 2026 08:39 am
Published on:
12 Aug 2026 08:38 am