
Mid Day Meal Crisis: छत्तीसगढ़ के 56,895 स्कूलों में मध्याह्न भोजन ठप(photo-patrika group)
Mid Day Meal Crisis: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था प्रभावित होने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन रसोइया संगठन ने मानदेय और कुकिंग कॉस्ट का भुगतान नहीं होने का आरोप लगाते हुए काम बंद हड़ताल शुरू कर दी है। संगठन के अनुसार, स्कूल खुलने के बाद से रसोइयों को भुगतान नहीं मिला है। इसके चलते कई जगह उधार लेकर राशन की व्यवस्था की जा रही थी। अब रसोइयों ने मंगलवार को मंत्रालय और शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करने का ऐलान किया है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नीलू ओगरे के अनुसार, 16 जून से मध्याह्न भोजन के लिए राशि नहीं मिली है। उनका कहना है कि स्कूल खुलने के बाद से ही रसोइये भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। सोमवार को संगठन ने काम बंद हड़ताल की। संगठन के मुताबिक प्रदेश के 56,895 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में करीब 87,600 रसोइये काम कर रहे हैं।
रसोइयों का कहना है कि मध्याह्न भोजन के लिए दाल, चावल, सब्जी, मसाले और अन्य सामग्री की जरूरत होती है। राशि नहीं मिलने के कारण कई रसोइयों ने दुकानदारों और साहूकारों से उधार लेकर राशन जुटाया। संगठन का दावा है कि कुछ रसोइयों पर करीब एक लाख रुपये तक का कर्ज हो गया है। अब कई दुकानदार और साहूकार आगे उधार में सामान देने से इनकार कर रहे हैं।
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, भुगतान की मांग को लेकर वे स्कूल शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा मंत्री के पास कई बार जा चुके हैं। अधिकारियों को आवेदन देने के साथ समस्या से अवगत भी कराया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं होने का दावा किया गया है। संगठन का कहना है कि हर बार जल्द भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया गया।
रसोइयों की हड़ताल के बीच विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से प्रधानपाठकों को मध्याह्न भोजन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ ने इसका विरोध किया है। संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि रसोइयों और स्वीपरों को कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है और अब शिक्षकों व प्रधानपाठकों से भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा जा रहा है।
शिक्षक संगठन का कहना है कि शिक्षकों का मुख्य काम पढ़ाना है। ऐसे में उन्हें अध्ययन-अध्यापन छोड़कर भोजन बनाने की जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। संगठन ने सरकार से रसोइयों को मानदेय और कुकिंग कॉस्ट का भुगतान जल्द करने की मांग की है।
मध्याह्न भोजन रसोइया संगठन ने मंगलवार को मंत्रालय और स्कूल शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। अब इस पूरे मामले में विभाग की ओर से भुगतान और मध्याह्न भोजन व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
Updated on:
29 Sept 2026 10:09 am
Published on:
29 Sept 2026 10:07 am
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