
CGPSC Updates 2026: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में अध्यक्ष का पद करीब एक महीने से खाली है। पूर्व अध्यक्ष रीता शांडिल्य का कार्यकाल 8 सितंबर को समाप्त हो गया था, लेकिन अब तक नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई है। वहीं, किसी सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी नहीं सौंपी गई है। ऐसे में आयोग के कामकाज और आगामी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। नए अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए किसी आईएएस अधिकारी के नाम पर सहमति बनाने की चर्चा भी सामने आ रही है।
अध्यक्ष का पद खाली होने के बावजूद आयोग में तीन सदस्य मौजूद हैं। इनमें डॉ. प्रवीण वर्मा, सरिता उइके और संतकुमार नेताम शामिल हैं। इन तीनों की नियुक्ति पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी। फिलहाल आयोग के कामकाज की जिम्मेदारी इन्हीं सदस्यों के बीच है। हालांकि, नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
CGPSC के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्य सरकार को करनी है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार नए अध्यक्ष के चयन पर कब तक फैसला लेती है। नियुक्ति को लेकर किसी आईएएस अधिकारी के नाम पर सहमति बनाने की चर्चा है, लेकिन अब तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अध्यक्ष पद पर नियुक्ति आयोग के नेतृत्व को स्पष्ट करने और भर्ती प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अध्यक्ष पद खाली होने के बीच राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 में शामिल अभ्यर्थियों की नजर आगे की चयन प्रक्रिया पर है। मुख्य परीक्षा के बाद साक्षात्कार और अन्य चरणों को लेकर अभ्यर्थी आयोग की आगामी कार्ययोजना का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, नियुक्ति में देरी से चयन प्रक्रिया प्रभावित हुई है या नहीं, यह आयोग की आधिकारिक समय-सारिणी से ही स्पष्ट होगा।
CGPSC की भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आने वाले समय में आयोग की घोषणाएं महत्वपूर्ण होंगी। खबर के अनुसार, आयोग संविधान दिवस यानी 29 नवंबर के आसपास रिक्त पदों पर भर्ती की घोषणा करता रहा है। ऐसे में अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि अध्यक्ष की नियुक्ति और भर्ती से जुड़े फैसलों पर जल्द स्पष्टता आएगी।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग पिछले कुछ वर्षों में नियुक्तियों और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर चर्चा में रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई कुछ नियुक्तियों से जुड़े मामलों में जांच जारी होने की बात भी सामने आती रही है। ऐसे माहौल में नए अध्यक्ष के चयन को लेकर सरकार सावधानी बरत सकती है। हालांकि, नियुक्ति में देरी की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि सरकार कब तक नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा करती है और आयोग की आगामी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट होती है।