
Chhattisgarh Pension Update: छत्तीसगढ़ के रायपुर में अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों की पेंशन बहाली का मामला एक बार फिर सामने आया है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग की ओर से पेंशन और ग्रेच्युटी व्यवस्था समाप्त किए जाने पर चिंता जताई है। सांसद ने मुख्यमंत्री से संबंधित आदेश को वापस लेने अथवा उस पर रोक लगाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से मिल रही सुविधा बंद होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश के अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले प्राध्यापकों और कर्मचारियों को करीब 40 वर्षों से पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ दिए जा रहे थे। विभागीय आदेश क्रमांक 38-2, दिनांक 12 अक्टूबर 2010 के तहत पांचवें वेतनमान के आधार पर यह सुविधा जारी रहने की बात कही गई है।
बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग ने 1 सितंबर 2026 को जारी आदेश क्रमांक 18649/2026/38-2 के माध्यम से इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। उनके मुताबिक, इस फैसले से अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानी की स्थिति पैदा हो सकती है।
सांसद ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस मामले में मानवीय और जनहित के दृष्टिकोण से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में उच्च शिक्षा विभाग के आदेश को तत्काल निरस्त करने या उस पर रोक लगाने के निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों को पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ की सुविधा मिलती रहे।
पेंशन व्यवस्था को लेकर सामने आए इस मामले के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से इस विषय पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से मिल रही पेंशन सुविधा को अचानक समाप्त किए जाने से प्रभावित कर्मचारियों के हित में सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।