
Chhattisgarh Police: छत्तीसगढ़ पुलिस को पेट्रोलिंग और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए नई आधुनिक गाड़ियां मिलने के बाद डायल 112 के पुराने वाहनों को पुलिस लाइन में खड़ा कर दिया गया है। खुले में खड़े इन वाहनों पर बारिश और धूप का असर पड़ रहा है। देखरेख के अभाव में कई गाड़ियां जंग खाने लगी हैं। लंबे समय से उपयोग नहीं होने के कारण इनके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लाखों रुपये की लागत वाले इन सरकारी वाहनों के भविष्य और दोबारा उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पिछले महीने पुलिस विभाग को पेट्रोलिंग और घटनास्थल पर जल्द पहुंचने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस नई गाड़ियां उपलब्ध कराई गई थीं। नई गाड़ियों के संचालन में आने के बाद डायल 112 की पुरानी गाड़ियों का इस्तेमाल काफी कम हो गया है। इसके बाद इन वाहनों को पुलिस लाइन परिसर में पार्क कर दिया गया।
पुलिस लाइन में खड़ी पुरानी गाड़ियां लंबे समय से खुले में मौसम की मार झेल रही हैं। बारिश और तेज धूप के कारण वाहनों के बाहरी हिस्सों में जंग लगने लगी है। यदि लंबे समय तक इनकी उचित देखरेख नहीं की गई तो वाहनों की हालत और खराब होने की आशंका है।
पुरानी गाड़ियों को पुलिस विभाग द्वारा आगे किस काम में इस्तेमाल किया जाएगा, इसे लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट निर्णय नहीं हो पाया है। सवाल यह है कि जब वाहन अभी भी उपयोगी हो सकते हैं तो उन्हें इस तरह खड़ा रखने के बजाय दूसरे पुलिस कार्यों में लगाया क्यों नहीं जा रहा।
डायल 112 की पुरानी गाड़ियों को लंबे समय तक यूं ही खड़ा रखने से सरकारी संसाधनों को नुकसान हो सकता है। विभाग के सामने अब इन वाहनों के पुन: उपयोग, दूसरे स्थानों पर तैनाती या नीलामी जैसे विकल्पों पर फैसला लेने की जरूरत है। समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो उपयोगी वाहन धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो सकते हैं।