
स्कूल सफाई कर्मचारियों ने किया हड़ताल का ऐलान (photo source- Patrika)
School Staff Strike: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभाल रहे हजारों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालिक करने, कलेक्टर दर पर सम्मानजनक मानदेय देने समेत अन्य मांगों को लेकर कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार को 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। संघ का कहना है कि तय समयसीमा में मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो प्रदेशभर के 43,301 स्कूल सफाई कर्मचारी 2 अक्टूबर से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
स्कूल सफाई कर्मचारी संघ के अनुसार, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में कर्मचारी पिछले करीब डेढ़ दशक से अंशकालीन आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि लंबे समय से काम करने के बावजूद उन्हें अंशकालीन कर्मचारी के रूप में रखने के बजाय पूर्णकालिक स्कूल सफाई कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से स्कूलों में साफ-सफाई से जुड़े काम करते हैं। स्कूल खुलने से पहले परिसर और कक्षाओं की सफाई, स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने सहित कई जिम्मेदारियां उनके हिस्से में आती हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा शर्तों और मानदेय को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।
कर्मचारी संघ का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उन्हें मिलने वाला मानदेय उनकी जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। लंबे समय तक काम करने के बावजूद आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा मानदेय में घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। संघ ने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों को कलेक्टर दर के अनुसार सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालिक दर्जा देकर उनकी सेवा को स्थायी व्यवस्था के तहत लाने की दिशा में फैसला किया जाए।
स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार को 30 सितंबर तक का समय दिया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इस अवधि में सरकार की ओर से मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर पुनर्विचार किया जा सकता है। वहीं, अगर निर्धारित समय तक उनकी मांगों पर कोई फैसला नहीं होता है तो कर्मचारी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। संघ ने साफ किया है कि 2 अक्टूबर से प्रदेशभर में काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
प्रस्तावित आंदोलन की तैयारियों को लेकर सितंबर के पहले सप्ताह में रायपुर में स्कूल सफाई कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित किए जाने की तैयारी है। इस बैठक में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में कर्मचारियों की मांगों, सरकार के साथ बातचीत और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। साथ ही यह तय किया जाएगा कि 30 सितंबर तक सरकार की ओर से मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाया जाए।
प्रदेश में 43,301 स्कूल सफाई कर्मचारियों के एक साथ काम बंद करने की स्थिति में सरकारी स्कूलों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। अब संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे।
फिलहाल कर्मचारियों की नजर सरकार के रुख पर है। सितंबर में होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक और 30 सितंबर की समयसीमा के बाद आंदोलन की अगली तस्वीर साफ होगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं और अब उन्हें सरकार से ठोस निर्णय की उम्मीद है।
Updated on:
27 Aug 2026 03:06 pm
Published on:
27 Aug 2026 03:06 pm
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