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Chhattisgarh News: बस्तर में सरपंच का अनिश्चितकालीन अनशन, तीन दिन बाद भी नहीं पहुंचा प्रशासन

Sarpanch Hunger Strike: बस्तर के चित्रकोट ग्राम पंचायत के सरपंच भंवर मौर्य 7 सूत्रीय मांगों को लेकर तीन दिन से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
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Chhattisgarh News

बस्तर में भूख हड़ताल पर सरपंच (photo source- Patrika)

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चित्रकोट में ग्राम पंचायत के सरपंच भंवर मौर्य पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सरपंच ने पंचायत और क्षेत्र से जुड़ी सात सूत्रीय मांगों को लेकर स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला है। उनका आरोप है कि मांगों को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक गंभीर पहल नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Bastar Chitrakote News: नाका समिति को बहाल करने की मांग

सरपंच के आंदोलन की प्रमुख मांग चित्रकोट पर्यटन स्थल की नाका समिति को दोबारा बहाल करना है। दरअसल, वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते स्थानीय प्रशासन ने नाका समिति पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद नाका को सील कर दिया गया। सरपंच का कहना है कि समिति के बंद होने के बाद पर्यटन स्थल पर पार्किंग और सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

सरपंच ने प्रशासन से नाका समिति पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने और समिति को फिर से बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि पर्यटन स्थल पर आने वाले पर्यटकों की सुविधा और क्षेत्र की व्यवस्था के लिए नाका, पार्किंग और सफाई जैसी व्यवस्थाओं का सुचारु रूप से संचालन जरूरी है।

ग्राम सभा के प्रस्तावों को स्वीकार करने की मांग

सरपंच की सात सूत्रीय मांगों में ग्राम सभा द्वारा पारित प्रस्तावों को स्वीकार करना भी शामिल है। उनका कहना है कि ग्राम सभा स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में ग्राम सभा के प्रस्तावों पर प्रशासन को गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की मांग

चित्रकोट पंचायत क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी सरपंच ने उठाया है। उन्होंने प्रशासन से स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है।

खरियागुड़ा पारा में बिजली की मांग

सरपंच की मांगों में खरियागुड़ा पारा में विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराना भी शामिल है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को बिजली जैसी मूलभूत सुविधा की जरूरत है। लंबे समय से इस समस्या का समाधान नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सात सूत्रीय मांगों को लेकर सरपंच भंवर मौर्य पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलन के दौरान उन्होंने प्रशासन पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। सरपंच का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक वह अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे।

Chitrakote Tourism News: अब तक प्रशासन की ओर से नहीं हुई गंभीर पहल

सरपंच के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू हुए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से उनकी भूख हड़ताल खत्म कराने या मांगों पर चर्चा करने के लिए अब तक कोई गंभीर पहल नहीं की गई है। इसे लेकर पंचायत स्तर पर भी नाराजगी बनी हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन सरपंच की सात सूत्रीय मांगों पर क्या कदम उठाता है और चित्रकोट पर्यटन स्थल की नाका, पार्किंग और सफाई व्यवस्था के साथ-साथ पंचायत क्षेत्र की अन्य समस्याओं का समाधान कब तक किया जाता है। फिलहाल सरपंच का अनिश्चितकालीन आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है।