
Local Brands Chhattisgarh: राजधानी के पंडरी क्षेत्र में बन रहा यूनिटी मॉल (एकता मॉल) प्रदेश के गांव-देहात में तैयार होने वाले उत्पादों को नया बाजार देने जा रहा है। मॉल के शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ के हर जिले के एक प्रमुख उत्पाद को यहां स्थायी बिक्री मंच मिलेगा। इससे स्व-सहायता समूहों, कारीगरों, बुनकरों और लघु उद्यमियों के उत्पाद बड़े ब्रांडेड उत्पादों की तरह प्रदर्शित और विपणन किए जाएंगे।
देशभर में बनाए जा रहे यूनिटी मॉल की तर्ज पर रायपुर का मॉल भी स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय बाजार उपलब्ध कराने का केंद्र बनेगा। आने वाले समय में पंडरी का यूनिटी मॉल सिर्फ एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोकल उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला बड़ा आर्थिक मंच बनने जा रहा है। फिलहाल यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
मॉल के निर्माण कार्य की लगातार समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग और समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों की बैठक में यूनिटी मॉल के निर्माण की हर माह समीक्षा होती है। ठेकेदार को गुणवत्ता के साथ तेजी से निर्माण करने को कहा गया है। मुख्य सचिव विकास शील ने पिछली बैठक में निर्माण कार्य को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया है।
केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि राज्य को जारी की जा चुकी है। यह परियोजना प्रधानमंत्री की वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट अवधारणा पर आधारित है।
सूत्रों के अनुसार मॉल में प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों के लिए अलग डिस्प्ले और बिक्री काउंटर बनाए जाएंगे। बस्तर की बेलमेटल कला, कोंडागांव की टेराकोटा शिल्पकला, कोसा वस्त्र, वनोपज आधारित उत्पाद, मिलेट्स, हर्बल उत्पाद, हस्तशिल्प और महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता मिलेगी। यहां खरीदारों को एक ही छत के नीचे पूरे छत्तीसगढ़ की पहचान वाले उत्पाद उपलब्ध होंगे।
यूनिटी मॉल का संचालन काफी हद तक राज्य में सफल रहे सी-मार्ट मॉडल की तर्ज पर किए जाने की तैयारी है। उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि ग्रामीण उत्पाद सीधे बड़े बाजार से जुड़ सकें। इससे उत्पादकों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
अधिकारियों का कहना है कि यूनिटी मॉल केवल बिक्री केंद्र नहीं होगा, बल्कि प्रदर्शनी, बिजनेस-टू-बिजनेस नेटवर्किंग और पर्यटन आकर्षण के रूप में भी विकसित किया जाएगा। अन्य राज्यों के खरीदार और पर्यटक यहां छत्तीसगढ़ की संस्कृति, कला और उत्पादों से परिचित हो सकेंगे।