रायपुर

रायपुर में कोडीन सिरप तस्करी पर कोर्ट का बड़ा फैसला! 3 दोषियों को 20 साल की सजा, प्रत्येक पर 2 लाख रुपए जुर्माना

Codeine Cough Syrup: रायपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने प्रतिबंधित कोडीन सिरप की तस्करी के मामले में तीन दोषियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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Updated: 29 Oct 2026, 2:46 PM IST
Codeine Syrup Smuggling
रायपुर में ड्रग्स तस्करों पर बड़ा एक्शन (Photo Source- Patrika)

Codeine Syrup Smuggling: प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप की तस्करी और अवैध खरीद-बिक्री के मामले में रायपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने तीन आरोपितों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की अदालत ने युवराज सिंह चौहान (24), वाजिद खान (29) और निहाल सिंह (30) को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर दो-दो लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर तीनों को दो-दो साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

मामले में पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से कोडीन फास्फेट सिरप की 40 शीशियां बरामद की थीं। इनमें कुल चार हजार मिलीलीटर सिरप था। पुलिस ने जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी न्यायालय में पेश की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपितों को दोषी करार दिया। मामले का एक अन्य आरोपित अब भी फरार है।

NDPS Act: एम्स गेट के पास ग्राहक तलाश रहे थे आरोपी

विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू के अनुसार, घटना 15-16 अक्टूबर 2025 की रात की है। आमानाका पुलिस को सूचना मिली थी कि टाटीबंध स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के गेट नंबर चार के पास एक ई-रिक्शा में सवार दो युवक प्रतिबंधित कफ सिरप बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। इस दौरान ई-रिक्शा में मौजूद युवराज सिंह चौहान और वाजिद खान को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास रखे पिट्ठू बैग से कोडीन फास्फेट सिरप की 40 शीशियां मिलीं। जांच में सिरप की कुल मात्रा चार हजार मिलीलीटर पाई गई। इसके बाद पुलिस ने प्रतिबंधित सिरप की खरीद-बिक्री और सप्लाई से जुड़े मामले की जांच शुरू की।

पूछताछ में सामने आया तीसरे आरोपी का नाम

पुलिस की पूछताछ में युवराज सिंह चौहान और वाजिद खान ने बताया कि वे सिरप दुर्ग जिले के बीएमवाय चरौदा निवासी निहाल सिंह से खरीदकर लाए थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने निहाल सिंह को भी गिरफ्तार किया। जांच में पुलिस ने सिरप की सप्लाई और आरोपितों के बीच संपर्क से जुड़े तथ्यों को जुटाया। इसके बाद मामले में तीनों आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई की गई।

कॉल डिटेल और एफएसएल रिपोर्ट बनी अहम साक्ष्य

मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (सीएएफ) और जब्त सिरप के नमूनों की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) जांच रिपोर्ट सहित अन्य तकनीकी साक्ष्य अदालत में पेश किए। अदालत में अभियोजन पक्ष ने इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की भूमिका और प्रतिबंधित सिरप की खरीद-बिक्री से जुड़े तथ्यों को रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विशेष एनडीपीएस अदालत ने युवराज सिंह चौहान, वाजिद खान और निहाल सिंह को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

AIIMS Tatibandh: चौथा आरोपित अब भी फरार

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ न्यायालय में मामला चला। हालांकि, प्रकरण का चौथा आरोपित अब भी फरार है। प्रतिबंधित कोडीन सिरप की तस्करी और अवैध बिक्री से जुड़े इस मामले में अदालत का फैसला नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ की गई कार्रवाई का अहम हिस्सा है।

Updated on:
29 Oct 2026, 2:46 PM IST
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